लगातार दूसरे दिन स्टेशन रोड बेहाल, तीन बजे तक ठप रहा परिचालन

डुमरांव का जर्जर स्टेशन रोड लगातार दूसरे दिन भी लोगों के लिए मुसीबत बना रहा। सोमवार को महरौरा मोड़ के पास सीमेंट लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से करीब चार घंटे तक यातायात बाधित रहने के बाद मंगलवार को भी अहले सुबह से दोपहर बाद करीब तीन बजे तक इस महत्वपूर्ण पथ पर परिचालन पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहा।

लगातार दूसरे दिन स्टेशन रोड बेहाल, तीन बजे तक ठप रहा परिचालन

__ दो ट्रकों के फंसने से सड़क पर लगा जाम, स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और ट्रेन यात्रियों को झेलनी पड़ी भारी परेशानी; क्रेन से हटाए गए वाहन तो बहाल हुआ आवागमन

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव का जर्जर स्टेशन रोड लगातार दूसरे दिन भी लोगों के लिए मुसीबत बना रहा। सोमवार को महरौरा मोड़ के पास सीमेंट लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से करीब चार घंटे तक यातायात बाधित रहने के बाद मंगलवार को भी अहले सुबह से दोपहर बाद करीब तीन बजे तक इस महत्वपूर्ण पथ पर परिचालन पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहा। सड़क पर अलग-अलग स्थानों पर दो ट्रकों के फंस जाने के कारण वाहनों का आवागमन बेहद कठिन हो गया। इससे स्कूली छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, ट्रेन यात्रियों और आम राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।मिली जानकारी के अनुसार, पश्चिमी रेलवे क्रॉसिंग के पास एक ट्रक तकनीकी खराबी के कारण सड़क पर खड़ा हो गया था। वहीं महरौरा मोड़ के पास ओवरलोड ट्रक सड़क पर बने बड़े गड्ढे में फंस जाने के कारण आगे नहीं बढ़ सका।

दोनों स्थानों पर ट्रकों के खड़े रहने से सड़क पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। देखते ही देखते स्टेशन रोड पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा।सुबह के समय स्थिति सबसे अधिक विकट रही। स्कूल जाने वाले बच्चे वाहनों में फंसे रहे और उन्हें प्रतिदिन की तुलना में घंटों विलंब से विद्यालय पहुंचना पड़ा। नौकरीपेशा लोगों को भी अपने कार्यस्थल तक पहुंचने में परेशानी हुई। वहीं, ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन जाने वाले यात्रियों को भी समय की चिंता सताती रही। कई लोगों को जाम से बचने के लिए पैदल ही आगे बढ़ना पड़ा। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण दोपहिया और छोटे वाहनों को भी आगे बढ़ने में काफी मुश्किल हुई।दोपहर बाद करीब तीन बजे क्रेन की मदद से दोनों ट्रकों को सड़क से हटाया गया। इसके बाद धीरे-धीरे वाहनों की आवाजाही सामान्य हुई और स्टेशन रोड पर परिचालन सुचारू हो सका। हालांकि, तब तक हजारों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ चुकी थी।

__ दो दिन में दो घटनाओं ने खोली व्यवस्था की पोल

स्टेशन रोड की बदहाली लगातार दूसरे दिन सामने आई दो घटनाओं से एक बार फिर उजागर हो गई। सोमवार को महरौरा मोड़ के पास सीमेंट लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई थी, जबकि मंगलवार को दो ट्रक सड़क के गड्ढों और तकनीकी खराबी के कारण रास्ते में खड़े हो गए। लगातार दो दिनों तक वाहनों के पलटने, फंसने और खराब होने से इस मार्ग से गुजरना लोगों के लिए चुनौती बन गया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेशन रोड पहले से ही बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुका है। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी और कीचड़ जमा हो जाने से स्थिति और खतरनाक हो जाती है। भारी वाहनों के दबाव के बीच सड़क की हालत ऐसी हो चुकी है कि थोड़ी सी चूक या वाहन की तकनीकी समस्या भी घंटों के जाम का कारण बन जाती है।

__ स्कूल जाने और लौटने में रोज हो रहा विलंब

स्टेशन रोड की बदहाली का सबसे सीधा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। सुबह स्कूल जाने के दौरान जहां बच्चे जाम में फंसकर घंटों देर से पहुंच रहे हैं, वहीं छुट्टी के बाद घर लौटने में भी उन्हें अतिरिक्त समय लग रहा है। अभिभावकों में भी इसे लेकर नाराजगी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क की स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।लगातार दो दिनों से सामने आ रही घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से स्टेशन रोड की तत्काल मरम्मत कराने तथा बड़े गड्ढों को भरकर सड़क को सुरक्षित बनाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जब तक सड़क को पूरी तरह मोटरेबल नहीं बनाया जाता, तब तक इस मार्ग पर जाम और दुर्घटनाओं का सिलसिला थमना मुश्किल है।