एक साल से अटकी तकनीकी बाधा दूर, पुराना भोजपुर में ट्रिपिंग पर लगा विराम
पुराना भोजपुर के बिजली उपभोक्ताओं को लंबे समय से परेशान कर रही बार-बार की ट्रिपिंग की समस्या का आखिरकार स्थायी समाधान हो गया है। बिजली विभाग ने तकनीकी सुधार और लोड पुनर्वितरण (लोड शिफ्टिंग) की प्रक्रिया पूरी कर क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बना दिया है। इसके बाद इलाके में बिजली आपूर्ति सामान्य और अपेक्षाकृत निर्बाध हो गई है।

केटी न्यूज/डुमरांव।
पुराना भोजपुर के बिजली उपभोक्ताओं को लंबे समय से परेशान कर रही बार-बार की ट्रिपिंग की समस्या का आखिरकार स्थायी समाधान हो गया है। बिजली विभाग ने तकनीकी सुधार और लोड पुनर्वितरण (लोड शिफ्टिंग) की प्रक्रिया पूरी कर क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बना दिया है। इसके बाद इलाके में बिजली आपूर्ति सामान्य और अपेक्षाकृत निर्बाध हो गई है।जानकारी के अनुसार, पेट्रोल पंप के समीप स्थापित 200 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर लगातार अधिक लोड झेल रहा था। इसके कारण ट्रांसफार्मर बार-बार ट्रिप करता था और आसपास के कई मोहल्लों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होती थी। विभाग ने इस समस्या के समाधान के उद्देश्य से लगभग एक वर्ष पहले ही समीप एक नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया था।

लेकिन तकनीकी कारणों से उस पर लोड स्थानांतरित नहीं हो पा रहा था। इससे उपभोक्ताओं को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।कनीय विद्युत अभियंता जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में विभागीय टीम ने तकनीकी खामियों को दूर करते हुए सफलतापूर्वक लोड शिफ्टिंग का कार्य पूरा किया। साथ ही पुराने 200 केवीए ट्रांसफार्मर में बार-बार खराब होने वाली खूंटी की स्थायी मरम्मत की गई। नियमानुसार नट-बोल्ट के माध्यम से केबल को मजबूती से जोड़कर तकनीकी दोष दूर किए गए, जिससे ट्रांसफार्मर की कार्यक्षमता में सुधार आया।

इसके अतिरिक्त बजरंग बली मंदिर के समीप जर्जर हो चुके 11 हजार वोल्ट के विद्युत तारों को भी बदल दिया गया। विभाग का मानना है कि इन तकनीकी सुधारों के बाद फॉल्ट और ट्रिपिंग की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा उपभोक्ताओं को बेहतर वोल्टेज के साथ गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति मिलेगी।स्थानीय ग्रामीणों ने विभाग की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय बाद क्षेत्र को बार-बार की बिजली कटौती से राहत मिली है। उनका कहना है कि अब घरेलू कार्यों के साथ-साथ छोटे व्यवसायों और अन्य दैनिक गतिविधियों में भी पहले की तुलना में काफी सुविधा हो रही है।

