मदरसों में आधुनिक शिक्षा और कोचिंग की जरूरत पर जोर, मुसाफिरगंज जलसे में उठे सामाजिक सरोकार
नगर के मुसाफिरगंज स्थित दारुल उलूम अशरफिया मदरसा में रविवार की रात आयोजित दस्तारबंदी सह जलसा कार्यक्रम में शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर गंभीर चर्चा हुई। कार्यक्रम में बिहार सहित विभिन्न राज्यों से पहुंचे उलेमा, हाफिज और समाजसेवियों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि के रूप में बक्सर सांसद सुधाकर सिंह मौजूद रहे।


केटी न्यूज/चौसा
नगर के मुसाफिरगंज स्थित दारुल उलूम अशरफिया मदरसा में रविवार की रात आयोजित दस्तारबंदी सह जलसा कार्यक्रम में शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर गंभीर चर्चा हुई। कार्यक्रम में बिहार सहित विभिन्न राज्यों से पहुंचे उलेमा, हाफिज और समाजसेवियों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि के रूप में बक्सर सांसद सुधाकर सिंह मौजूद रहे।जलसे को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक गुलाम रसूल बलियावी ने कहा कि मदरसों में धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक विषयों की पढ़ाई और निशुल्क कोचिंग व्यवस्था समय की मांग है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही समाज में जागरूकता और तरक्की लाई जा सकती है।

उन्होंने युवाओं को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरित करते हुए मदरसों को सामाजिक विकास का केंद्र बनाने पर बल दिया।मुख्य अतिथि सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि बक्सर की पहचान हमेशा शिक्षा और ज्ञान की धरती के रूप में रही है। यहां पहले गुरुकुल, मख्तब और मदरसों के जरिए समाज को शिक्षित किया जाता था। उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज ही बेहतर लोकतंत्र की नींव रख सकता है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने राज्य सरकार और भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों और आम लोगों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है।

साथ ही मुख्यमंत्री के हालिया बक्सर दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि जिले को कोई विशेष सौगात नहीं मिलने से लोगों में निराशा है।कार्यक्रम में सैयद अतिकुल रहमान, हबीबुल्लाह फैजी, मुबारक हुसैन मुबारक और सैयद मुजीबुर रहमान समेत कई उलेमा ने शिक्षा, सामाजिक एकता और नैतिक मूल्यों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता हाफिज अब्दुल हुसैन ने की, जबकि संचालन साबित रोहतासवी ने किया। मौके पर मदरसा कमेटी के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

