गंगा दशहरा पर ब्रह्मपुर महोत्सव में प्रतिभाओं का सम्मान, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
गंगा दशहरा के अवसर पर ब्रह्मपुर प्रखंड स्थित गौरी शंकर पब्लिक स्कूल परिसर में आयोजित तीन दिवसीय ब्रह्मपुर महोत्सव का समापन मंगलवार को सम्मान समारोह और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया, वहीं पर्यावरण बचाने और सामाजिक एकजुटता का संदेश भी दिया गया।


__ शिक्षा, सेना, कृषि और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों को किया गया सम्मानित, पौधरोपण और कवि सम्मेलन बना आकर्षण
केटी न्यूज/ब्रह्मपुर
गंगा दशहरा के अवसर पर ब्रह्मपुर प्रखंड स्थित गौरी शंकर पब्लिक स्कूल परिसर में आयोजित तीन दिवसीय ब्रह्मपुर महोत्सव का समापन मंगलवार को सम्मान समारोह और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया गया, वहीं पर्यावरण बचाने और सामाजिक एकजुटता का संदेश भी दिया गया।समारोह का उद्घाटन पूर्व कर्नल राणा प्रताप सिंह, डा शिव नाथ सिंह तथा शंभु प्रसाद चौरसिया ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्या डा अर्चना सिंह ने की, जबकि संचालन डा धर्मेंद्र जी महाराज ने किया।

अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज तेजी से बदलते परिवेश में लोगों को सामाजिक कुरीतियों, पर्यावरण संकट और नैतिक मूल्यों के क्षरण के खिलाफ एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है।आचार्य डा धर्मेंद्र जी महाराज ने पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि “यदि प्रकृति सुरक्षित रहेगी तभी मानव जीवन सुरक्षित रहेगा।” उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर और आसपास सैकड़ों पौधे लगाए गए। इसमें छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।

सम्मान समारोह में शिक्षा, चिकित्सा, खेलकूद, कृषि और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले लोगों को अंगवस्त्र और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा देश सेवा में योगदान देने वाले पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं को भी मंच पर सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण कवि सम्मेलन भी रहा, जिसमें कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से देशभक्ति, सामाजिक चेतना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कविताओं ने उपस्थित लोगों को देर तक बांधे रखा और श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से कवियों का स्वागत किया।मौके पर सत्येंद्र पाठक, रमेश कुमार, नित्यानंद ओझा, जय प्रकाश लाल, ए.के. तिवारी, शिव मोहन तिवारी, शंभुनाथ पांडेय समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग, शिक्षक, छात्र और ग्रामीण मौजूद रहे।

