महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय में वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव, युवाओं को दिया राष्ट्रभक्ति का संदेश

महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय, बक्सर में गुरुवार को 1857 की क्रांति के महानायक और स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानी बाबू वीर कुंवर सिंह का विजयोत्सव समारोह श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रभक्ति, साहस और संघर्ष की प्रेरणा दी गई।

महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय में वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव, युवाओं को दिया राष्ट्रभक्ति का संदेश

__ प्रधानाचार्य बोले स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से ही मजबूत होगा राष्ट्र का भविष्य

केटी न्यूज/बक्सर

महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय, बक्सर में गुरुवार को 1857 की क्रांति के महानायक और स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानी बाबू वीर कुंवर सिंह का विजयोत्सव समारोह श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रभक्ति, साहस और संघर्ष की प्रेरणा दी गई।समारोह का नेतृत्व महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) कृष्णा कान्त सिंह ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय परिसर स्थित महर्षि विश्वामित्र महामुनि की प्रतिमा पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।

इसके बाद महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने एकत्र होकर बाबू वीर कुंवर सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और उनके योगदान को नमन किया।इस दौरान पूरे परिसर में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। शिक्षकों और कर्मचारियों ने स्वतंत्रता संग्राम के वीर सपूतों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि वीर कुंवर सिंह जैसे महापुरुषों के त्याग और बलिदान के कारण ही देश आज स्वतंत्र है।अपने संबोधन में प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) कृष्णा कान्त सिंह ने कहा कि बाबू वीर कुंवर सिंह ने कठिन परिस्थितियों में भी अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष कर इतिहास रचा।

उन्होंने बुजुर्ग अवस्था में भी जिस साहस और नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया, वह आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को ऐसे महानायकों के जीवन से सीख लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करना भी है। ऐसे आयोजनों से युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन और सामाजिक चेतना का विकास होता है।समारोह के अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। मौके पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।