बायोमेट्रिक ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, ग्रामीणों के खातों से उड़ाता था रकम
राजपुर प्रखंड के कटरिया गांव से पुलिस ने एक ऐसे साइबर ठग को गिरफ्तार किया है, जो भोले-भाले ग्रामीणों को झांसे में लेकर उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लेता था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनुजी पाल, पिता विंध्याचल पाल, निवासी कटरिया गांव के रूप में हुई है। पुलिस की मानें तो आरोपी लंबे समय से इलाके में सक्रिय था और लोगों से अलग-अलग बहाने बनाकर उनका अंगूठा लगवाता था। इसके बाद बायोमेट्रिक माध्यम से खातों से रकम गायब कर देता था।
केटी न्यूज/राजपुर
राजपुर प्रखंड के कटरिया गांव से पुलिस ने एक ऐसे साइबर ठग को गिरफ्तार किया है, जो भोले-भाले ग्रामीणों को झांसे में लेकर उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लेता था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनुजी पाल, पिता विंध्याचल पाल, निवासी कटरिया गांव के रूप में हुई है। पुलिस की मानें तो आरोपी लंबे समय से इलाके में सक्रिय था और लोगों से अलग-अलग बहाने बनाकर उनका अंगूठा लगवाता था। इसके बाद बायोमेट्रिक माध्यम से खातों से रकम गायब कर देता था।मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्राम हुड़रही की रहने वाली गायत्री देवी ने अपने खाते से पैसे कटने की शिकायत राजपुर थाने में दर्ज कराई।

पीड़िता ने बताया कि उनसे बैंकिंग कार्य कराने के नाम पर अंगूठा लगवाया गया था, जिसके बाद खाते से राशि निकाल ली गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 03 दिसंबर 2025 को प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग लेन-देन और संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण किया। कई दिनों की पड़ताल के बाद पुलिस ने आरोपी की पहचान सुनिश्चित की और छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी मिल सके।

थानाध्यक्ष निवास कुमार ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बायोमेट्रिक विवरण, अंगूठा या बैंक से जुड़ी जानकारी न दें। यदि खाते से अनधिकृत लेन-देन होता है तो तुरंत बैंक और नजदीकी थाना को सूचना दें।पुलिस का मानना है कि आरोपी अकेला काम नहीं करता था। ऐसे में यह जांच की जा रही है कि अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया और इस नेटवर्क में कौन-कौन शामिल हैं। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।

