भीषण गर्मी पर सख्त प्रशासन, दोपहर 12 बजे बाद स्कूल संचालन पर रोक
जिले में लगातार बढ़ती भीषण गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी सरकारी व निजी विद्यालयों पर सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिला दण्डाधिकारी साहिला के ज्ञापांक 220/न्या० दिनांक 20 अप्रैल 2026 के तहत बक्सर जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों, प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों और कोचिंग संस्थानों में दोपहर 12 बजे के बाद 8वीं कक्षा तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर पहले ही रोक लगाई जा चुकी है।
केटी न्यूज/बक्सर
जिले में लगातार बढ़ती भीषण गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी सरकारी व निजी विद्यालयों पर सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिला दण्डाधिकारी साहिला के ज्ञापांक 220/न्या० दिनांक 20 अप्रैल 2026 के तहत बक्सर जिले के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों, प्री-स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों और कोचिंग संस्थानों में दोपहर 12 बजे के बाद 8वीं कक्षा तक की शैक्षणिक गतिविधियों पर पहले ही रोक लगाई जा चुकी है।इसके बावजूद कुछ विद्यालयों के दोपहर बाद तक संचालित होने की सूचना मिलने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आदेश का अक्षरशः पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा कार्रवाई तय मानी जाए।

जारी निर्देशों के अनुसार जिले के सभी विद्यालयों को दोपहर 12 बजे से पहले सभी कक्षाएं समाप्त कर बच्चों को सुरक्षित घर रवाना करना होगा। जिन विद्यालयों में दो शिफ्ट में पढ़ाई होती है, वहां दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक किसी भी प्रकार की कक्षा संचालित नहीं होगी। सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन भी 12 बजे पूर्व तक पूरा कराने का आदेश दिया गया है।बच्चों को लू और निर्जलीकरण से बचाने के लिए विद्यालय प्रबंधन को विशेष इंतजाम करने को कहा गया है। हर कक्षा शुरू होने से पहले 1 से 2 मिनट का वॉटर ब्रेक देना अनिवार्य किया गया है। जरूरत पड़ने पर कक्षा के दौरान भी बच्चों को पानी पीने की अनुमति होगी। विद्यालय से घर भेजने से पहले सभी बच्चों को पानी पिलाना भी जरूरी किया गया है।

साथ ही सभी स्कूलों को ओआरएस पाउडर का पर्याप्त भंडारण रखने, बच्चों को धूप और गर्म हवा से बचाकर बैठाने तथा नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। निजी स्कूलों के वाहनों में पेयजल और ओआरएस रखने तथा 12 बजे पूर्व बच्चों को घर के लिए रवाना करने को कहा गया है।प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि सुबह की प्रार्थना सभा खुले मैदान या धूप में नहीं होगी, बल्कि विद्यालय परिसर के कॉरिडोर में कराई जाएगी। जिला प्रशासन ने कहा है कि बच्चों का स्वास्थ्य और सुरक्षा सर्वोपरि है, इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

