स्वगणना में सुस्ती पर डीएम सख्त, दो दिन में दिखे प्रगति

सोमवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में आयोजित जिला समन्वय समिति की बैठक में कई विभागों की कार्यशैली पर सख्त नाराजगी देखने को मिली। बैठक के दौरान स्वगणना कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए दो दिनों के भीतर स्थिति सुधारने का अल्टीमेटम दिया। साथ ही पेयजल आपूर्ति, महादलित टोलों में चल रहे कैंप, मवेशियों की सुरक्षा तथा संभावित बाढ़ की तैयारी को लेकर भी स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी किए गए।

स्वगणना में सुस्ती पर डीएम सख्त, दो दिन में दिखे प्रगति

__ पेयजल, महादलित कैंप, पशु राहत और बाढ़ तैयारी पर भी अधिकारियों को कड़े निर्देश

केटी न्यूज/बक्सर

सोमवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में आयोजित जिला समन्वय समिति की बैठक में कई विभागों की कार्यशैली पर सख्त नाराजगी देखने को मिली। बैठक के दौरान स्वगणना कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए दो दिनों के भीतर स्थिति सुधारने का अल्टीमेटम दिया। साथ ही पेयजल आपूर्ति, महादलित टोलों में चल रहे कैंप, मवेशियों की सुरक्षा तथा संभावित बाढ़ की तैयारी को लेकर भी स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी किए गए।बैठक में जिलाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला परियोजना प्रबंधक जीविका तथा जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस को निर्देश दिया कि अपने-अपने विभागीय कर्मियों, आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले अभिभावकों और जीविका दीदियों के माध्यम से स्वगणना अभियान में तेजी लाएं।

उन्होंने कहा कि अगले दो दिनों के भीतर प्रगति हर हाल में दिखनी चाहिए, अन्यथा जवाबदेही तय की जाएगी।डीएम ने सभी चार्ज पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने क्षेत्र के प्रगणकों के जरिए घर-घर पहुंचकर स्वगणना कार्य सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने साफ कहा कि यह केवल कागजी प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्राथमिकता का विषय है।महादलित टोलों में लगाए जा रहे विशेष कैंपों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि राशन कार्ड, आधार कार्ड और मनरेगा जॉब कार्ड से जुड़े आवेदनों का तत्काल नियमानुसार निष्पादन कराया जाए। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए भटकना नहीं पड़े, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है।

बैठक में लोक स्वास्थ्य प्रमंडल से जुड़ी शिकायतों और समाचार पत्रों में प्रकाशित पेयजल संकट की खबरों पर भी गंभीर चर्चा हुई। इस पर डीएम ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों तथा अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर और डुमरांव को निर्देश दिया कि लोक स्वास्थ्य प्रमंडल के कनीय एवं सहायक अभियंताओं के साथ नियमित बैठक करें और खराब पड़े चापाकलों को शीघ्र दुरुस्त कराया जाए। साथ ही पाइपलाइन से हो रही पेयजल आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहे, इसकी लगातार निगरानी की जाए।गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिलाधिकारी ने जिला पशुपालन पदाधिकारी को मवेशियों के लिए राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में पशुओं के लिए आश्रय स्थल, स्वच्छ पेयजल और चारे की पर्याप्त व्यवस्था की जाए, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पशुधन को नुकसान न पहुंचे।

अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर और डुमरांव को निर्देश दिया गया कि इन व्यवस्थाओं के संचालन, एसओपी के पालन और नियमित अनुश्रवण की जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं। डीएम ने कहा कि कागजों पर नहीं, जमीन पर काम दिखना चाहिए।बैठक के अंत में संभावित बाढ़ को लेकर भी प्रशासन सतर्क नजर आया। सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बाढ़ से प्रभावित होने वाले संभावित परिवारों की सूची अभी से अद्यतन करें, ताकि आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।जिलाधिकारी की सख्ती से साफ हो गया है कि अब लापरवाही करने वाले विभागों पर प्रशासनिक शिकंजा कसने वाला है। आने वाले दिनों में जिले में कई मोर्चों पर तेज कार्रवाई देखने को मिल सकती है।