सीट शेयरिंग से पहले ही ये क्या कर रहे हैं लालू ?
लालू यादव अपने कैंडिडेट को सिंबल भी बांटने शुरू कर दिए

केटी न्यूज़/पटना
लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर तारीखों के ऐलान के बाद तमाम राजनीतिक पार्टी अपने -अपने तरीकों से चुनावी अभियान में जूट गई है।वहीं ऐसे में बिहार के अंदर महागठबंधन में यह तय नहीं हो पाया है कि कौन सी पार्टी कहां से चुनाव लड़ेगी, पर हैरानी की बात ये है कि लालू यादव अपने कैंडिडेट को सिंबल भी बांटने शुरू कर दिए हैं। ऐसे में अब इन मुद्दों पर बातचीत करने के लिए अखिलेश सिंह लालू यादव से मिलने राबड़ी आवास पहुंचे हैं।
चुनाव 2024 को लेकर सभी पार्टियां सीट बंटवारे और उम्मीदवारों के नाम तय करने में जुटी हुई है।बिहार एनडीए में सीट का बंटवारा हो गया है लेकिन महागठबंधन में अब भी सीट बंटवारा को लेकर कुछ तय नहीं हुआ है। इसी बीच यह खबर सामने आई कि राजद सुप्रीमो लालू यादव ने स्वयं ही अपनी पार्टी का सिंबल कुछ प्रत्याशियों को दे दिया है।कल देर रात लालू प्रसाद ने पहले चरण की चार सीटों के लिए आरजेडी उम्मीदवारों के बीच सिंबल बांट दिया। पहले चरण में जिन चार उम्मीदवारों को टिकट दिया गया, उसमें गया से पूर्व मंत्री कुमार सर्वजीत, नवादा, जमुई से अर्चना रामदास और औरंगाबाद जो कांग्रेस की सीट है।उसपर भी आरजेडी उम्मीदवार के तौर पर अभय कुशवाहा को आरजेडी का सिबल बांट दिया।
इस बात की जानकारी जैसे ही कांग्रेस को हुई। कांग्रेस आला कमान ने दिल्ली में मौजूद बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अधिलेश सिंह को पटना रवाना कर दिया।बिना सीट का ऐलान हुए सिंबल दिए जाने के बाद कांग्रेस के नेता अखिलेश सिंह अब बैचन हो गए और भागते हुए लालू से मिलने पहुंचे हैं।वहीं इस बात के बाद वह मीडिया से भी बचते हुए दिखे।
इस बात से यह मतलब साफ है कि बिहार में कांग्रेस अब भी आरजेडी की पिछलग्गू ही है। हर बार कि तरह इस बार भी सीटों के बंटवारे में लालू की मनमानी कांग्रेस पर पूरी तरह से हावी है। कांग्रेस चाहकर भी लालू का विरोध नहीं कर पा रही है और लालू पहले की ही तरह इसबार भी टिकट बंटवारे में अपना फायदा-नुकसान देख रहे हैं और गठबंधन में शामिल कांग्रेस और वाम दल लालू के रहमोकरम पर हैं और उनकी मजबूरी है कि लालू जितनी सीटें देंगे उतने पर ही उन्हें संतोष करना पड़ेगा।