राजस्व महा-अभियान में 17.02% आवेदन अब भी लंबित, अपर समाहर्त्ता ने जताई नाराजगी
ब्रह्मपुर अंचल कार्यालय में मंगलवार को अपर समाहर्त्ता अरुण कुमार सिंह के निरीक्षण के दौरान राजस्व मामलों के निष्पादन में सुस्ती और कई पंजियों के अद्यतन नहीं होने की स्थिति सामने आई। निरीक्षण में भू-अतिक्रमण, मापी वाद, परिमार्जन, दाखिल-खारिज, अभियान बसेरा-2 और राजस्व महा-अभियान समेत विभिन्न मामलों की समीक्षा की गई।

केटी न्यूज/ब्रह्मपुर
ब्रह्मपुर अंचल कार्यालय में मंगलवार को अपर समाहर्त्ता अरुण कुमार सिंह के निरीक्षण के दौरान राजस्व मामलों के निष्पादन में सुस्ती और कई पंजियों के अद्यतन नहीं होने की स्थिति सामने आई। निरीक्षण में भू-अतिक्रमण, मापी वाद, परिमार्जन, दाखिल-खारिज, अभियान बसेरा-2 और राजस्व महा-अभियान समेत विभिन्न मामलों की समीक्षा की गई। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक के भू-अतिक्रमण के वाद लंबित पाए गए। अपर समाहर्त्ता ने लंबित मामलों पर नाराजगी जताते हुए अंचल अधिकारी को पुराने मामलों में विशेष रुचि लेकर ससमय निष्पादन का निर्देश दिया।मापी वाद से जुड़े लंबित मामलों को भी शीघ्र निष्पादित करने को कहा गया। वहीं, परिमार्जन के मामलों की जांच में अंचल अधिकारी द्वारा पारित कुछ आदेश स्पष्ट नहीं पाए गए। इस पर अपर समाहर्त्ता ने निर्देश दिया कि मामलों में स्पष्ट और Speaking Order पारित किया जाए, ताकि संबंधित पक्षों को आदेश और उसके आधार की जानकारी आसानी से मिल सके।

__अभियान बसेरा-2 में 177 में 156 को मिला पर्चा
अभियान बसेरा-2 की समीक्षा में बताया गया कि 177 सुयोग्य परिवारों में से 156 परिवारों को पर्चा वितरित किया जा चुका है, जबकि चार परिवारों को भूमि आवंटित की गई है। शेष योग्य परिवारों को भूमि आवंटित करने तथा पर्चा निर्गत करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। अपर समाहर्त्ता ने स्पष्ट किया कि पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

__कई महत्वपूर्ण पंजियां नहीं मिलीं अद्यतन
निरीक्षण के दौरान भू-हस्तांतरण, गृहस्थल, वासगीत, बेदखली, आरटीपीएस, भू-मापी, बंदोबस्ती, अतिक्रमणवाद, विधानमंडल प्रश्नोत्तरी, सूचना का अधिकार, भूमि विवाद, आश्रित प्रमाण पत्र, अनियोजन प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, पारिवारिक सूची और प्रमाण पत्र सत्यापन समेत कई पंजियां अद्यतन संधारित नहीं पाई गईं। अपर समाहर्त्ता ने अंचल अधिकारी को विभागीय दिशा-निर्देश के अनुसार सभी पंजियों को अद्यतन करने और इसका अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।दाखिल-खारिज के डिफेक्ट चेक और अस्वीकृत मामलों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ऑब्जेक्शन से संबंधित टिप्पणी स्पष्ट रूप से अभ्युक्ति कॉलम में दर्ज की जाए, ताकि आपत्ति और मामले की स्थिति को लेकर किसी तरह की अस्पष्टता न रहे।

__राजस्व महा-अभियान में धीमी प्रगति पर फटकार
राजस्व महा-अभियान की समीक्षा में सबसे चिंताजनक स्थिति सामने आई। अंचल में कुल 8,345 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1,420 आवेदन यानी 17.02 प्रतिशत अब भी प्रक्रिया के अगले चरण में लंबित हैं। अभियान में अभी तक मात्र 33.53 प्रतिशत मामलों का निष्पादन हो सका है। धीमी प्रगति पर अपर समाहर्त्ता ने क्षोभ व्यक्त करते हुए अंचल अधिकारी को सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में स्वयं विशेष रुचि लेने और एक पक्ष के भीतर प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्त्ता ने अंचल कार्यालय पहुंचे लोगों से सीधे उनकी समस्याओं की जानकारी ली। योगेंद्र कुमार सिंह, ऋषिकांत दुबे, राजेश कुमार श्रीवास्तव, पूनम देवी और छोटू कुमार यादव ने दाखिल-खारिज से संबंधित समस्या रखी। विकास कुमार पांडेय ने नामांतरण तथा सहनवाज हुसैन ने गृहस्थल पर्चा से संबंधित आवेदन दिया। अपर समाहर्त्ता ने इन सभी मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने का निर्देश अंचल अधिकारी को दिया।

