बकरीद पर बक्सर में हाई अलर्ट, 99 स्टैटिक दंडाधिकारी और 27 गश्ती दल तैनात

ईद-उल-जोहा (बकरीद) पर्व को लेकर बक्सर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। साम्प्रदायिक सौहार्द कायम रखने और विधि-व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने के लिए मंगलवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिलाधिकारी साहिला और पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने संयुक्त रूप से अधिकारियों, दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों की ब्रीफिंग की।

बकरीद पर बक्सर में हाई अलर्ट, 99 स्टैटिक दंडाधिकारी और 27 गश्ती दल तैनात

__ डीएम-स्पी ने की संयुक्त ब्रीफिंग, सोशल मीडिया निगरानी से लेकर फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस तक की विशेष व्यवस्था

केटी न्यूज/बक्सर

ईद-उल-जोहा (बकरीद) पर्व को लेकर बक्सर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। साम्प्रदायिक सौहार्द कायम रखने और विधि-व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने के लिए मंगलवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिलाधिकारी साहिला और पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने संयुक्त रूप से अधिकारियों, दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों की ब्रीफिंग की। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहेंगे।प्रशासन की ओर से 99 स्टैटिक दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। इसके अलावा 27 गश्ती दल तथा दो जोनल दंडाधिकारी भी तैनात किए जाएंगे।

सभी प्रतिनियुक्त अधिकारी और पुलिस बल 28 मई की सुबह छह बजे से पर्व समाप्ति अथवा स्थिति सामान्य होने तक अपने-अपने ड्यूटी स्थल पर मौजूद रहेंगे।डीएम और एसपी ने अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्वयं क्षेत्र में भ्रमण कर यह सुनिश्चित करें कि सभी दंडाधिकारी और पुलिस बल समय पर ड्यूटी स्थल पर पहुंच गए हैं। वहीं सभी थानाध्यक्षों को लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहने तथा हर गतिविधि पर पैनी नजर रखने का आदेश दिया गया।बैठक में विशेष रूप से आसूचना संग्रह पर जोर दिया गया। सभी बीडीओ, सीओ और थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया कि गांव स्तर के कर्मचारियों, चौकीदारों और दफादारों की सहायता से हर संवेदनशील गतिविधि पर नजर रखें ताकि किसी भी अफवाह या विवाद को समय रहते रोका जा सके।

प्रशासन ने पशु क्रूरता और पशु तस्करी को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। जिला पशुपालन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि सभी प्रखंड पशु चिकित्सा पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर पशु क्रूरता और तस्करी रोकने के लिए कार्रवाई सुनिश्चित करें। रात के समय प्रखंड मुख्यालय में उपस्थित रहकर निगरानी रखने का भी आदेश दिया गया है।सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। साइबर थाना पुलिस और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि साइबर सेनानी व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सोशल मीडिया गतिविधियों की लगातार मॉनिटरिंग करें और आपत्तिजनक पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल विधिसम्मत कार्रवाई करें।

बकरीद को लेकर साफ-सफाई, पेयजल और बिजली व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी गई है। नगर परिषद और नगर निकायों को सभी मस्जिदों, ईदगाहों और मोहल्लों में सफाई एवं पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह जिम्मेदारी संबंधित बीडीओ को सौंपी गई है। लोक स्वास्थ्य प्रमंडल को खराब पड़े चापाकलों की तत्काल मरम्मत कराने का आदेश दिया गया है।वहीं विद्युत प्रमंडल को निर्देश दिया गया कि पर्व के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और लूज अथवा नीचे लटक रहे तारों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है। जिला अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल और सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त दवाइयों, चिकित्सकों और एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए जिला नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखने का निर्णय लिया गया है। नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर 06183-223333 जारी किया गया है। इसके अलावा जिला अग्निशमन विभाग को बक्सर और डुमरांव थाना समेत नियंत्रण कक्ष पर फायर ब्रिगेड वाहन तैयार हालत में रखने का निर्देश दिया गया है।प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी गड़बड़ी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।