डुमरांव नगर परिषद ने पेश किया 2026-27 का बजट, आधारभूत सुविधाओं और स्वच्छता पर विशेष जोर
मंगलवार को नगर परिषद डुमरांव की बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश किया गया। बैठक की अध्यक्षता उप सभापति विकास ठाकुर ने की जबकि संचालन कार्यपालक पदाधिकारी राहुल धर दुबे ने किया। परिषद द्वारा प्रस्तुत बजट में शहर के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार, स्वच्छता, सड़क-नाली निर्माण तथा शहरी गरीबों के लिए सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया है।
__164.87 करोड़ की संभावित आय, सड़क-नाली, जलापूर्ति व सफाई व्यवस्था सुधारने की योजना; बोर्ड बैठक में पार्षदों ने कार्यप्रणाली और गोला बाजार रोड की लाइट व्यवस्था पर उठाए सवाल
केटी न्यूज/डुमरांव
मंगलवार को नगर परिषद डुमरांव की बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश किया गया। बैठक की अध्यक्षता उप सभापति विकास ठाकुर ने की जबकि संचालन कार्यपालक पदाधिकारी राहुल धर दुबे ने किया। परिषद द्वारा प्रस्तुत बजट में शहर के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार, स्वच्छता, सड़क-नाली निर्माण तथा शहरी गरीबों के लिए सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया है।नगर परिषद प्रशासन के अनुसार बजट को बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 और बिहार नगरपालिका लेखा नियमावली 2014 के प्रावधानों के अनुरूप तैयार किया गया है।परिषद का कहना है कि इस बजट में शहर के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए आय और व्यय का संतुलित खाका पेश किया गया है, ताकि नागरिक सुविधाओं के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा सके।

बजट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नगर परिषद के पास प्रारंभिक शेष राशि लगभग 40 करोड़ 54 लाख 40 हजार 883 रुपये रहने का अनुमान है। यह राशि पिछले वर्षों की बचत और विभिन्न मदों से प्राप्त निधियों के आधार पर निर्धारित की गई है। इसी राशि के आधार पर आगामी वर्ष की विकास योजनाओं को गति देने की तैयारी की जा रही है।नगर परिषद ने चालू वित्तीय वर्ष में कुल 16487.30 लाख रुपये (लगभग 164.87 करोड़ रुपये) की प्राप्ति का अनुमान लगाया है। इसमें राजस्व प्राप्ति 7835.98 लाख रुपये तथा पूंजीगत प्राप्ति 7043.70 लाख रुपये शामिल हैं।राजस्व प्राप्ति में कर, विभिन्न शुल्क, परिषद की संपत्तियों से मिलने वाला किराया तथा राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं से मिलने वाली राशि शामिल है। वहीं पूंजीगत प्राप्ति में विकास परियोजनाओं के लिए मिलने वाले अनुदान और अन्य स्रोतों से प्राप्त राशि को शामिल किया गया है।

व्यय के मामले में परिषद ने वर्ष 2026-27 के दौरान कुल 10394.31 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान जताया है। इसमें राजस्व व्यय 5797.40 लाख रुपये तथा पूंजीगत व्यय 4596.91 लाख रुपये निर्धारित किया गया है। राजस्व व्यय में कर्मचारियों का वेतन, सफाई व्यवस्था, बिजली-पानी तथा अन्य नियमित खर्च शामिल हैं। जबकि पूंजीगत व्यय के तहत सड़क और नाली निर्माण, जलापूर्ति परियोजनाओं तथा अन्य विकास कार्यों पर राशि खर्च की जाएगी।बजट में विशेष रूप से शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने, कचरा प्रबंधन प्रणाली को बेहतर बनाने और स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा सड़क और नाली निर्माण व मरम्मत के लिए भी पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। परिषद प्रशासन का कहना है कि शहरी गरीबों के लिए आवास, स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने की दिशा में भी पहल की जाएगी।

__ बैठक में पार्षदों ने उठाए कई मुद्दे
बजट पेश होने के बाद बोर्ड की बैठक में कई वार्ड पार्षदों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जताई। पार्षदों का कहना था कि उनके द्वारा बैठक में उठाए गए कई सवालों को प्रोसीडिंग बुक में दर्ज नहीं किया जाता है। इस पर कार्यपालक पदाधिकारी राहुल धर दुबे और कार्यवाहक चेयरमैन विकास कुमार ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने पार्षदों को आश्वस्त किया कि दस दिन बाद फिर से बैठक बुलाकर प्रोसीडिंग बुक की समीक्षा की जाएगी और यदि कोई त्रुटि पाई जाती है तो उसे सुधारा जाएगा।बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर भी विस्तारित क्षेत्र के पार्षदों ने एनजीओ पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए चार गार्ड रखने की मंजूरी भी दी गई।

इसके अलावा वार्ड 9 के ईदगाह में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई, जिसे आवश्यक मानते हुए प्रोसीडिंग बुक में दर्ज कर लिया गया।पार्षदों ने शहर के मुख्य बाजार गोला बाजार रोड में शाम ढलते ही अंधेरा छा जाने का मुद्दा भी उठाया और वहां पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की। साथ ही शहर में बढ़ते बंदरों के आतंक से लोगों को निजात दिलाने के लिए भी प्रशासन से कार्रवाई की मांग की गई।नगर भवन परिसर में स्थित दुकानों के किराये में वृद्धि करने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया। बैठक में सभी वार्ड पार्षद, एनजीओ प्रतिनिधि तथा नगर परिषद के अन्य कर्मी मौजूद रहे।परिषद प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि बजट की राशि का उपयोग पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ किया जाएगा, ताकि डुमरांव शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और विकसित नगर के रूप में आगे बढ़ाया जा सके।
