केशोपुर में मिला 12 फीट का अजगर, चर्चित रेस्क्यूअर हरिओम ने किया रेस्क्यू, बना कौतूहल
बक्सर जिले के सिमरी प्रखंड अंतर्गत केशोपुर गांव में बुधवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बांध के समीप एक घर में विशाल अजगर दिखाई दिया। करीब 12 फीट लंबा और लगभग 15 किलो वजनी यह अजगर अब तक जिले में रेस्क्यू किया गया सबसे बड़ा सांप बताया जा रहा है। अचानक घर के नजदीक इतने बड़े अजगर के नजर आने से ग्रामीणों में भय और कौतूहल दोनों का माहौल बन गया।
-- बांध के पास घर में घुसा विशाल अजगर, रेस्क्यू के दौरान उमड़ा गांव, जंगल में सुरक्षित छोड़ा गया
केटी न्यूज/सिमरी
बक्सर जिले के सिमरी प्रखंड अंतर्गत केशोपुर गांव में बुधवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बांध के समीप एक घर में विशाल अजगर दिखाई दिया। करीब 12 फीट लंबा और लगभग 15 किलो वजनी यह अजगर अब तक जिले में रेस्क्यू किया गया सबसे बड़ा सांप बताया जा रहा है। अचानक घर के नजदीक इतने बड़े अजगर के नजर आने से ग्रामीणों में भय और कौतूहल दोनों का माहौल बन गया।घटना की सूचना मिलते ही प्रसिद्ध सर्प रेस्क्यूअर हरिओम चौबे को बुलाया गया। मौके पर पहुंचते ही उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और पूरी सतर्कता के साथ रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

अजगर की ताकत और आकार को देखते हुए रेस्क्यू आसान नहीं था। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित काबू में कर लिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा रहे और रेस्क्यू की हर गतिविधि पर नजर बनाए रहे।रेस्क्यू के बाद अजगर को वन क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ने की प्रक्रिया अपनाई गई। हरिओम चौबे ने बताया कि यह अजगर बेहद शक्तिशाली प्रजाति का है और गंगा तटीय इलाकों में इसकी मौजूदगी नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि इस आकार का अजगर पशुओं के लिए खतरनाक हो सकता है, इसलिए आबादी वाले क्षेत्रों में इसके दिखने पर घबराने के बजाय तुरंत विशेषज्ञों को सूचना देनी चाहिए।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि गंगा किनारे बसे गांवों में वन्यजीवों की आवाजाही क्यों बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव, प्राकृतिक आवास में बदलाव और भोजन की तलाश के कारण ऐसे जीव आबादी की ओर आ जाते हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गंगा तटीय इलाकों में जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि लोग ऐसे हालात में सही कदम उठा सकें। केशोपुर में रेस्क्यू किया गया यह अजगर फिलहाल चर्चा का विषय बना हुआ है और जिले के वन्यजीव इतिहास में एक दुर्लभ घटना के रूप में दर्ज हो गया है।

