ट्रांसपोर्ट बुकिंग के नाम पर युवक से 95 हजार की ठगी

स्थानीय थाना क्षेत्र में ऑनलाइन ट्रांसपोर्ट बुकिंग के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। सामान पहुंचाने का भरोसा देकर पहले एडवांस किराया लिया गया, फिर रास्ते में माल फंसने और भुगतान अटकने का डर दिखाकर युवक से लगातार रुपये वसूले गए।

ट्रांसपोर्ट बुकिंग के नाम पर युवक से 95 हजार की ठगी

--“माल फंस गया है” कहकर बार-बार मांगे रुपये, छह आरोपितों पर केस दर्ज

केटी न्यूज/कृष्णाब्रह्म

स्थानीय थाना क्षेत्र में ऑनलाइन ट्रांसपोर्ट बुकिंग के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। सामान पहुंचाने का भरोसा देकर पहले एडवांस किराया लिया गया, फिर रास्ते में माल फंसने और भुगतान अटकने का डर दिखाकर युवक से लगातार रुपये वसूले गए। आखिरकार खुद को ठगा महसूस होने पर पीड़ित ने छह लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के बड़का ढकाइच गांव निवासी संजीत राय ने पीरो-आरा तक सामान पहुंचाने के लिए छह मई को एक ट्रक बुक कराया था। ट्रांसपोर्ट का कुल किराया 72 हजार रुपये तय हुआ था।

आरोप है कि बुकिंग के दौरान ट्रांसपोर्टरों ने भरोसा दिलाते हुए एडवांस की मांग की, जिसके बाद पीड़ित ने यूपीआई के माध्यम से 50 हजार रुपये भेज दिए। ट्रक पर मिक्सर मशीन, वाइब्रेटर मशीन और सामान ढोने वाली ट्रॉली लोड कर रवाना किया गया।पीड़ित के अनुसार अगले दिन जब उसने ट्रांसपोर्टरों से संपर्क किया तो बताया गया कि किराये का भुगतान अटक गया है, इसलिए गाड़ी आगे नहीं बढ़ पा रही है। कुछ देर बाद कहा गया कि पैसा “फंस” गया है और उसे छुड़ाने के लिए अतिरिक्त रकम भेजनी होगी। इसके बाद ट्रक मालिक और चालक ने फोन उठाना बंद कर दिया।मामला यहीं नहीं रुका। 12 मई को फिर फोन कर कहा गया कि 22 हजार रुपये भेजने पर सामान समय से पहुंच जाएगा।

बाद में 30 हजार रुपये और मांगे गए। सामान फंसने और नुकसान होने के डर से पीड़ित ने मजबूरी में कुल 45 हजार रुपये और यूपीआई के जरिए भेज दिए। इसके बावजूद न तो सामान पहुंचा और न ही आरोपितों से संपर्क हो सका।पीड़ित संजीत राय के बयान पर कृष्णाब्रह्म थाना में राहुल, संतोष बंसल, तोरी खान, दीपक समेत कुल छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। थानाध्यक्ष रवि कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। डिजिटल भुगतान और कॉल डिटेल के आधार पर आरोपितों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।