नल-जल पाइपलाइन बिछाने के बाद टूटी सड़कों की मरम्मत पर कार्रवाई तेज

सिमरी प्रखंड के काजीपुर पंचायत में नल-जल योजना की पाइपलाइन बिछाने के बाद गली-सड़कों की बिगड़ी स्थिति पर आखिरकार प्रशासन हरकत में आया है। काजीपुर निवासी शहनवाज अंसारी, पिता मो. बेलाल अंसारी द्वारा दर्ज परिवाद पर सुनवाई करते हुए लोक प्राधिकार ने गंभीर रुख अपनाया है।

नल-जल पाइपलाइन बिछाने के बाद टूटी सड़कों की मरम्मत पर कार्रवाई तेज

-- लोक प्राधिकार ने संवेदक पर 50 हजार का आर्थिक दंड ठोका, 15 दिन में कार्य पूरा करने का निर्देश

केटी न्यूज/सिमरी

सिमरी प्रखंड के काजीपुर पंचायत में नल-जल योजना की पाइपलाइन बिछाने के बाद गली-सड़कों की बिगड़ी स्थिति पर आखिरकार प्रशासन हरकत में आया है। काजीपुर निवासी शहनवाज अंसारी, पिता मो. बेलाल अंसारी द्वारा दर्ज परिवाद पर सुनवाई करते हुए लोक प्राधिकार ने गंभीर रुख अपनाया है।बता दें कि 08 सितंबर 2025 को दर्ज किए गए परिवाद संख्या - 9999901080925573816, में आरोप लगाया गया था कि पीएचईडी विभाग द्वारा पाइपलाइन बिछाने के दौरान पूरे पंचायत की गली और सड़कें तोड़ दी गईं, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद उनका पुनर्निर्माण नहीं कराया गया। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

-- परिवाद पर सुनवाई, लोक प्राधिकार को जारी हुआ नोटिस

परिवाद-पत्र के अवलोकन के बाद यह स्पष्ट हुआ कि मामला पूरी तरह नल-जल योजना कार्य से जुड़ी लापरवाही से संबंधित है। इस आधार पर लोक प्राधिकार के रूप में सहायक अभियंता, लोक स्वास्थ्य अवर प्रमंडल ब्रह्मपुर को नोटिस जारी कर पूरा प्रतिवेदन मांगा गया।

-- 50 हजार का आर्थिक दंड, कड़े निर्देश जारी

लोक प्राधिकार से दिनांक 08 नवंबर 2025 को पत्रांक 106/ब्रह्मपुर के माध्यम से प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। प्रतिवेदन में बताया गया कि शिकायत की जांच के बाद संवेदक की लापरवाही प्रमाणित पाई गई है। इस पर 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड अनुशंसित करते हुए उसे तुरंत कार्रवाई करने का कड़ा निर्देश दिया गया है।साथ ही लोक प्राधिकार ने यह भी अनुरोध किया कि सड़क मरम्मती कार्य कराने हेतु 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाए, ताकि कार्य को पूरी तरह संपन्न कराया जा सके।

-- 15 दिन में सड़क दुरुस्त करने का निर्देश

प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर सुनवाई में यह स्पष्ट हो गया कि विभागीय स्तर पर संवेदक की लापरवाही स्वीकार की जा चुकी है और उस पर कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है। इस स्थिति को देखते हुए आदेश दिया गया कि लोक प्राधिकार नियमों के अनुसार संबंधित सड़कों की मरम्मती सुनिश्चित करे तथा 15 दिनों की अवधि में कार्य पूरा कराए।

सुनवाई में यह भी कहा गया कि नल-जल जैसी जनकल्याणकारी योजना के तहत किए गए कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीणों की बुनियादी सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले किसी भी संवेदक या विभागीय कर्मी पर आगे भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई की जाएगी।लोक प्राधिकार की ओर से की गई कार्रवाई और दंड अनुशंसा को देखते हुए परिवादी का परिवाद स्वीकृत कर लिया गया है और उक्त आदेश के साथ वाद की कार्यवाही समाप्त कर दी गई।

इसके साथ ही संबंधित विभाग को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि सड़क मरम्मत कार्य में किसी भी प्रकार की देरी या कोताही पाए जाने पर संवेदक पर आगे और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।यह फैसला काजीपुर पंचायत के ग्रामीणों के लिए राहत की खबर लेकर आया है, क्योंकि लंबे समय से टूटी सड़कों के कारण लोगों को आवागमन में गंभीर परेशानी झेलनी पड़ रही थी। अब उम्मीद की जा रही है कि 15 दिनों के भीतर गली-सड़कों की मरम्मती शुरू होकर पूरा कार्य समय पर पूरा हो जाएगा।