रद्द आर्म्स लाइसेंसधारियों पर कसेगा प्रशासन का शिकंजा, हथियार जमा नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई
डुमरांव अनुमंडल प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और भूमि विवादों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। मंगलवार को डुमरांव अनुमंडल कार्यालय के सभागार में एसडीएम की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में भूमि विवाद, विधि-व्यवस्था और शस्त्र अनुज्ञप्ति से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा की गई।

__ एसडीएम ने भूमि विवाद निपटारे के लिए बनाई नई रणनीति, राजस्व और पुलिस अधिकारियों को संयुक्त जिम्मेदारी
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव अनुमंडल प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और भूमि विवादों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। मंगलवार को डुमरांव अनुमंडल कार्यालय के सभागार में एसडीएम की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में भूमि विवाद, विधि-व्यवस्था और शस्त्र अनुज्ञप्ति से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में अनुमंडल क्षेत्र के सभी अंचल अधिकारियों (सीओ) और थानाध्यक्षों ने भाग लिया।बैठक में प्रशासन का मुख्य फोकस वैसे लोगों पर रहा, जिनके शस्त्र लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं, लेकिन उन्होंने अब तक अपने हथियार संबंधित थानों में जमा नहीं कराए हैं। एसडीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि ऐसे लाइसेंसधारियों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाए।

एसडीएम ने बताया कि डुमरांव अनुमंडल क्षेत्र में अब तक कुल 173 लोगों के आर्म्स लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं। इसके बावजूद कई लोगों ने हथियार जमा नहीं किए हैं। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा है कि आदेश की अवहेलना करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों की सूची तैयार कर जल्द से जल्द हथियार जमा कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करें।बैठक में भूमि विवाद के बढ़ते मामलों को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने नई कार्ययोजना पर भी चर्चा की। एसडीएम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे विवाद समय रहते सुलझ जाएं तो बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है। इसके लिए प्रत्येक गांव में राजस्व कर्मचारी और थाना स्तर के अधिकारियों को संयुक्त रूप से जिम्मेदारी दी जाएगी।

नई व्यवस्था के तहत भूमि विवाद से जुड़ी शिकायत मिलने पर राजस्व कर्मी और पुलिस अधिकारी आपसी समन्वय बनाकर मामले की जांच करेंगे। दोनों विभागों के अधिकारी मौके की स्थिति का आकलन कर विवाद को बढ़ने से पहले समाधान का प्रयास करेंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में तनाव की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।एसडीएम ने निर्देश दिया कि भूमि विवाद की सूचना मिलने पर संबंधित अंचल अधिकारी स्वयं मामले की जांच करेंगे। वहीं, यदि कोई मामला अधिक संवेदनशील या जटिल पाया जाता है तो उसकी जांच अनुमंडल स्तर से कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई से आम लोगों का भरोसा प्रशासन पर और मजबूत होगा।

बैठक के दौरान अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि भूमि विवाद से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और पुलिस एवं राजस्व विभाग के बीच बेहतर तालमेल कायम रखा जाए। प्रशासन ने साफ किया कि आम लोगों की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।एसडीएम ने कहा कि विधि-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। भूमि विवाद और अवैध रूप से हथियार रखने जैसे मामलों में सख्ती बरतते हुए त्वरित कार्रवाई की जाएगी, ताकि अनुमंडल क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का माहौल कायम रहे।

