सोवां के बाद अरियांव में एक ही रात तीन घरों में चोरी, ग्रामीणों में बढ़ा दहशत
कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब एक ही रात में कई-कई घरों को निशाना बनाया जा रहा है। सोवा गांव में हुए तीन घरों की बड़ी चोरी की घटना की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि मंगलवार की देर रात अरियांव गांव में चोरों ने तीन और घरों में धावा बोलकर इलाके में दहशत का माहौल खड़ा कर दिया। चोरी की इन ताबड़तोड़ वारदातों ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
केटी न्यूज/कृष्णाब्रह्म
कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब एक ही रात में कई-कई घरों को निशाना बनाया जा रहा है। सोवा गांव में हुए तीन घरों की बड़ी चोरी की घटना की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि मंगलवार की देर रात अरियांव गांव में चोरों ने तीन और घरों में धावा बोलकर इलाके में दहशत का माहौल खड़ा कर दिया। चोरी की इन ताबड़तोड़ वारदातों ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ग्रामीणों के अनुसार रात करीब एक से तीन बजे के बीच चोरों ने सुनसान माहौल का फायदा उठाकर घरों के दरवाजों की कुंडी तोड़ी और नकदी-जेवर समेत कीमती सामान पार कर दिया। पीड़ित गृहस्वामियों ने बुधवार की सुबह चोरी का लिखित आवेदन थाना में जमा कराया। लोगों का कहना है कि घटनाएं जिस तरीके से हो रही हैं, उससे साफ है कि यह कोई सामान्य चोरियों का मामला नहीं बल्कि एक संगठित गिरोह इलाके पर पूरी तरह सक्रिय है।
लगातार हो रही घटनाओं ने ग्रामीणों की नींद हराम कर दी है। स्थिति ऐसी है कि लोग रात में जाग-जागकर घरों की रखवाली करने को मजबूर हैं। कई परिवारों का कहना है कि पुलिस की गश्ती रात में लगभग न के बराबर दिखती है, जिसके चलते अपराधियों के हौसले और बढ़ रहे हैं। ग्रामीणों में यह डर भी घर कर गया है कि अगला निशाना कौन होगा, यह कहना मुश्किल है।
पुलिस प्रशासन पर सवालों का दबाव बढ़ने के बीच कृष्णाब्रह्म थानाध्यक्ष संदीप कुमार राम ने दावा किया है कि चोरी की घटनाओं में शामिल गिरोह की पहचान लगभग कर ली गई है और पुलिस उसके बेहद करीब पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि अपराध की इस चेन को हर हाल में तोड़ा जाएगा और शामिल सभी अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
हालांकि ग्रामीण पुलिस की बातों से संतुष्ट नहीं दिख रहे। उनका कहना है कि जब तक चोरी की वारदातें थम नहीं जातीं और अपराधी पकड़ में नहीं आते, तब तक आश्वासन से पेट नहीं भरने वाला। लगातार दो गांवों में छह बड़ी चोरियों ने इस बात को साबित कर दिया है कि अपराधी पुलिस तंत्र को खुली चुनौती दे रहे हैं।इलाके में बढ़ती चोरी की घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब पुलिस को न केवल गश्ती तेज करनी होगी बल्कि संगठित गिरोह का नेटवर्क तोड़ने के लिए ठोस कार्रवाई भी करनी होगी। वरना स्थानीय लोगों का भरोसा डगमगाना तय है।
