स्कूल में शर्मनाक करतूत का आरोप: दो शिक्षकों समेत प्रधानाध्यापक पर पॉक्सो एक्ट में एफआईआर, प्रधानाध्यापक हिरासत में
बक्सर जिले के कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के एक सरकारी मध्य विद्यालय में नाबालिग छात्राओं के कथित यौन शोषण और आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाने का मामला अब गंभीर कानूनी कार्रवाई की दिशा में बढ़ गया है। मामले को बक्सर एसपी शुभम आर्य ने गंभीरता से लेते हुए खुद घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे प्रकरण की जानकारी ली। एसपी के निर्देश पर पुलिस टीम पीड़ित छात्राओं के घर भी पहुंची और परिजनों से बातचीत कर उन्हें निष्पक्ष जांच तथा कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

__ मामला सामने आते ही एसपी शुभम आर्य ने संभाली कमान, खुद पहुंचे घटनास्थल; पुलिस के भरोसे पर पीड़िता की मां ने दर्ज कराया केस, अश्लील वीडियो वाले मोबाइल की तलाश तेज
केटी न्यूज/बक्सर
बक्सर जिले के कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के एक सरकारी मध्य विद्यालय में नाबालिग छात्राओं के कथित यौन शोषण और आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाने का मामला अब गंभीर कानूनी कार्रवाई की दिशा में बढ़ गया है। मामले को बक्सर एसपी शुभम आर्य ने गंभीरता से लेते हुए खुद घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे प्रकरण की जानकारी ली। एसपी के निर्देश पर पुलिस टीम पीड़ित छात्राओं के घर भी पहुंची और परिजनों से बातचीत कर उन्हें निष्पक्ष जांच तथा कार्रवाई का भरोसा दिलाया। पुलिस के इस आश्वासन के बाद पीड़िता की मां एफआईआर दर्ज कराने के लिए राजी हुई।पीड़िता की मां के आवेदन पर कृष्णाब्रह्म थाने में आरोपित शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद और अरविंद प्रसाद के अलावा विद्यालय के प्रधानाध्यापक मोहम्मद इमाम अली अंसारी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रधानाध्यापक को हिरासत में ले लिया है। वहीं दोनों आरोपित शिक्षकों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है।

__ स्कूल अवधि में छात्राओं को बाहर ले जाने का आरोप
प्राथमिकी और सामने आए आरोपों के अनुसार, दोनों शिक्षकों पर अलग-अलग समय में नाबालिग छात्राओं को बहला-फुसलाकर विद्यालय अवधि के दौरान बाहर ले जाने और उनके साथ आपत्तिजनक व्यवहार करने के आरोप हैं। आरोप यह भी है कि इस दौरान आपत्तिजनक वीडियो और अन्य सामग्री मोबाइल फोन में रिकॉर्ड की गई। बाद में कथित तौर पर इन्हीं वीडियो के जरिए छात्राओं पर दबाव बनाने और उन्हें डराने-धमकाने की बात भी सामने आई है।हालांकि, आरोपों से जुड़े सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की विस्तृत जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित घटनाएं कब-कब हुईं, इनमें कितनी छात्राएं प्रभावित हुईं और पूरे मामले में आरोपितों की वास्तविक भूमिका क्या रही।

__ ग्रामीणों ने शिक्षक से छीना मोबाइल, पुलिस कर रही बरामदगी का प्रयास
मामला सार्वजनिक होने के बाद ग्रामीण युवाओं ने एक आरोपित शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद से उसका मोबाइल छीन लिया था। ग्रामीणों का दावा है कि इसी मोबाइल में कई छात्राओं से संबंधित आपत्तिजनक वीडियो और अन्य सामग्री मौजूद है। हालांकि, पुलिस ने अभी इस सामग्री की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।अब कृष्णाब्रह्म पुलिस उक्त मोबाइल को बरामद करने में जुटी है। थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि मोबाइल की बरामदगी का प्रयास किया जा रहा है और उसे जल्द बरामद कर लिया जाएगा। पुलिस के अनुसार, मोबाइल मिलने के बाद डिजिटल साक्ष्य के रूप में मामले की जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। इसके लिए मोबाइल में मौजूद सामग्री की विधिवत जांच और डिजिटल साक्ष्यों का सत्यापन किया जाएगा।

__ परिजनों के एफआईआर से कतराने पर भी जांच करेगी पुलिस
इस पूरे मामले में पुलिस अब एक और महत्वपूर्ण बिंदु की जांच करेगी। घटना की जानकारी सामने आने के बाद भी परिजन प्राथमिकी दर्ज कराने से क्यों कतरा रहे थे? क्या किसी व्यक्ति की ओर से उन पर दबाव बनाया जा रहा था? क्या उन्हें किसी तरह धमकाया या प्रभावित किया गया था? पुलिस इन सभी संभावित पहलुओं को जांच के दायरे में रखेगी।एसपी के निर्देश पर पुलिस द्वारा पीड़ित परिवारों से संपर्क कर उन्हें सुरक्षा और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस यह भी जांच करेगी कि घटना की जानकारी विद्यालय स्तर पर किसी जिम्मेदार व्यक्ति को थी या नहीं और यदि थी तो समय रहते इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों अथवा पुलिस को क्यों नहीं दी गई।

__ प्रधानाध्यापक की भूमिका भी जांच के घेरे में
प्रधानाध्यापक के खिलाफ भी पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज होने और उन्हें हिरासत में लिए जाने के बाद विद्यालय प्रशासन की भूमिका पर सवाल और गंभीर हो गए हैं। पुलिस यह पता लगाएगी कि विद्यालय में कथित गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं और प्रधानाध्यापक को इसकी जानकारी थी या नहीं। यदि किसी स्तर पर जानकारी थी तो कार्रवाई क्यों नहीं की गई, इसकी भी जांच होगी।मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने पहले ही दोनों आरोपित शिक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। अब प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस जांच के साथ विभागीय कार्रवाई भी आगे बढ़ेगी।

एसपी शुभम आर्य ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच करेगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।घटना ने विद्यालयों में छात्राओं की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस की जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि इस मामले की वास्तविकता क्या है, कथित घटनाओं का दायरा कितना बड़ा है और इसमें कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं।

