ट्रेन में थमी आशा कार्यकर्ता की सांस, गांव पहुंचने से पहले मौत
प्रखंड के तियरा गांव निवासी आशा कार्यकर्ता चंद्रावती देवी (पति बिसुका प्रसाद) का सूरत से अपने गांव लौटने के दौरान ट्रेन में अचानक निधन हो गया। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, उनके निधन से स्वास्थ्य विभाग और साथी आशा कार्यकर्ताओं में भी शोक की लहर दौड़ गई।

__ सूरत से लौटते समय अचानक बिगड़ी तबीयत, सीएचसी में शोकसभा कर दी गई श्रद्धांजलि
केटी न्यूज/राजपुर।
प्रखंड के तियरा गांव निवासी आशा कार्यकर्ता चंद्रावती देवी (पति बिसुका प्रसाद) का सूरत से अपने गांव लौटने के दौरान ट्रेन में अचानक निधन हो गया। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, उनके निधन से स्वास्थ्य विभाग और साथी आशा कार्यकर्ताओं में भी शोक की लहर दौड़ गई।जानकारी के अनुसार, चंद्रावती देवी किसी निजी कार्य से सूरत गई थीं। वहां से ट्रेन के माध्यम से अपने गांव लौट रही थीं। सफर के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। इससे पहले कि उन्हें समुचित चिकित्सा सहायता मिल पाती, हृदय गति रुकने से ट्रेन में ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन बेसुध हो गए और गांव में भी मातम पसर गया।

चंद्रावती देवी लंबे समय से आशा कार्यकर्ता के रूप में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी थीं। ग्रामीणों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने और विभागीय योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने में उनकी भूमिका सराहनीय रही। उनके असमय निधन से स्वास्थ्य विभाग ने एक कर्मठ और समर्पित कार्यकर्ता खो दिया।इधर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में चिकित्सा प्रभारी डॉ. अशोक कुमार के नेतृत्व में शोकसभा आयोजित की गई। इसमें स्वास्थ्यकर्मियों और आशा कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। आशा कार्यकर्ता सुधा देवी, आशा देवी समेत अन्य कर्मियों ने कहा कि चंद्रावती देवी का व्यवहार सहयोगपूर्ण था और वह अपने कार्य के प्रति बेहद गंभीर रहती थीं।अस्पताल प्रशासन एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताते हुए इस कठिन समय में उन्हें धैर्य प्रदान करने की कामना की।

