प्रधानमंत्री के परिजनों पर अमर्यादित टिप्पणी से भड़के भाजपा नेता अखिलेश दूबे
कांग्रेस की राजनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार के खिलाफ कथित अमर्यादित टिप्पणियों को लेकर भाजपा नेता अखिलेश दूबे ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध के नाम पर कांग्रेस के कुछ नेता भाषा की मर्यादा और लोकतांत्रिक शिष्टाचार को ताक पर रख रहे हैं।

__ बोले— राजनीतिक विरोध में मर्यादा और संस्कारों का ध्यान रखना जरूरी, देश की जनता ऐसे बयानों को स्वीकार नहीं करेगी
केटी न्यूज/डुमरांव।
कांग्रेस की राजनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार के खिलाफ कथित अमर्यादित टिप्पणियों को लेकर भाजपा नेता अखिलेश दूबे ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध के नाम पर कांग्रेस के कुछ नेता भाषा की मर्यादा और लोकतांत्रिक शिष्टाचार को ताक पर रख रहे हैं।

__वे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा
प्रधानमंत्री की माता के बाद अब उनके पिता को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष का बयान राजनीतिक संस्कारों पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।बक्सर जिले के सिमरी प्रखंड अंतर्गत दुबौली गांव निवासी तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सह भाजपा नेता अखिलेश दूबे ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन राजनीतिक विरोध को व्यक्तिगत टिप्पणियों और परिवार पर हमलों तक नहीं ले जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री तथा उनके माता-पिता के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने वाले नेताओं को जनता के बीच अपने आचरण का जवाब देना होगा।

__ राजनीतिक विरोध में मर्यादा बनाए रखने की अपील
अखिलेश दूबे ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की पहचान उसकी नीतियों, विचारधारा और जनसेवा के कार्यों से होनी चाहिए। व्यक्तिगत टिप्पणी और अपमानजनक बयानबाजी से लोकतांत्रिक विमर्श का स्तर गिरता है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि लगातार चुनावी चुनौतियों और राजनीतिक मतभेदों के बीच पार्टी के कुछ नेताओं की बयानबाजी मर्यादाओं का उल्लंघन कर रही है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका और प्रतिष्ठा को प्रमुखता से उठाया है। उनके नेतृत्व को लेकर जनता के बीच समर्थन का उल्लेख करते हुए दूबे ने कहा कि प्रधानमंत्री देश के करोड़ों लोगों के जनविश्वास का प्रतिनिधित्व करते हैं।

ऐसे में उनके परिवार को निशाना बनाकर की जाने वाली टिप्पणियां उचित नहीं हैं।भाजपा नेता ने कहा कि राजनीतिक दलों को अपने नेताओं की भाषा और आचरण के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जरूरी है कि राजनीतिक बहस नीतियों, उपलब्धियों और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रहे। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी दल राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सार्वजनिक जीवन में शालीनता, संयम और मर्यादा बनाए रखने को प्राथमिकता देंगे।


