केसठ बिहार ग्रामीण बैंक में तीन दिनों से कैश संकट, खाताधारक बेहाल
प्रखंड के केसठ पुराना बाजार स्थित बिहार ग्रामीण बैंक में पिछले कुछ दिनों से नकद राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैंक में कैश नहीं होने से खाताधारक अपने ही पैसे निकालने के लिए इधर उधर भटकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं है, बल्कि हर बार यही स्थिति बनाई जाती है।बैंक प्रबंधन की ओर से स्पष्ट जानकारी न मिलने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
केटी न्यूज/केसठ।
प्रखंड के केसठ पुराना बाजार स्थित बिहार ग्रामीण बैंक में पिछले कुछ दिनों से नकद राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैंक में कैश नहीं होने से खाताधारक अपने ही पैसे निकालने के लिए इधर उधर भटकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं है, बल्कि हर बार यही स्थिति बनाई जाती है।बैंक प्रबंधन की ओर से स्पष्ट जानकारी न मिलने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को दूरभाष पर संपर्क करने पर बैंक प्रबंधक ने बताया कि कैश कब तक आएगा, इसकी कोई पूर्व सूचना नहीं दी जाती, हालांकि जब भी कैश आता है निकाशी कि जाती है,कुछ लोगों का ही निकाशी होती है ,जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ जाती है।

ग्रामीणों का आरोप है कि हर बार कभी लिंक फेल होने का बहाना बनाया जाता है, तो कभी कैश नहीं है लिखकर बोर्ड लगा दिया जाता है।बताया जा रहा है कि केसठ प्रखंड में यही एकमात्र बैंक शाखा है, जिस पर हजारों ग्रामीण निर्भर रहते हैं। बैंक में नकद उपलब्ध नहीं होने के कारण लोग मजबूरी में दुकानों पर 10 रुपए प्रति हजार की दर से अपने ही पैसे निकालने को विवश हैं। वहीं आधार आधारित निकासी में भी केवल 10 हजार रुपए तक की ही सीमा होने से जरूरतमंद लोगों की समस्याएं और गहरी हो गई हैं।ग्रामीणों ने बैंक कर्मियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बैंक कर्मी स्पष्ट रूप से कुछ भी बताने से इनकार कर देते हैं।

जब उपभोक्ता पासबुक अपडेट कराने पहुंचते हैं, तो कभी मशीन खराब है कह दिया जाता है, तो कभी दोपहर 2 बजे के बाद आइए कहकर लौटा दिया जाता है। विश्वसनीय सूत्रों का दावा है कि जब भी बैंक में नकद राशि आती है, तो सबसे पहले सीएसपी संचालकों को पैसा उपलब्ध करा दिया जाता है, जबकि आम खाताधारकों को घंटों इंतजार के बाद भी निराश लौटना पड़ता है। इससे ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है।स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और बैंक के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि नियमित रूप से कैश की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, साथ ही बैंक कर्मियों की कार्यप्रणाली की जांच हो। यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ, आंदोलन के लिए बाध्य होगे।

