बाढ़ में डूबी चौसा-मोहनिया सड़क, खतरे के बीच जारी वाहनों की आवाजाही

गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच कर्मनाशा नदी में भी उफान आने से चौसा-मोहनिया मुख्य मार्ग पर आवागमन खतरे की जद में आ गया है। अखौरीपुर गोला और बनारपुर के बीच स्थित पुलिया के ऊपर करीब दो से ढाई फीट पानी बह रहा है। इसके बावजूद इस मार्ग से छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही जारी रहने से किसी भी समय हादसा होने की आशंका बनी हुई है।

बाढ़ में डूबी चौसा-मोहनिया सड़क, खतरे के बीच जारी वाहनों की आवाजाही

__ पुलिया पर दो से ढाई फीट पानी, एसडीओ ने लिया जायजा; बैरिकेडिंग व लाल झंडे लगाने का निर्देश

केटी न्यूज/चौसा

गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच कर्मनाशा नदी में भी उफान आने से चौसा-मोहनिया मुख्य मार्ग पर आवागमन खतरे की जद में आ गया है। अखौरीपुर गोला और बनारपुर के बीच स्थित पुलिया के ऊपर करीब दो से ढाई फीट पानी बह रहा है। इसके बावजूद इस मार्ग से छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही जारी रहने से किसी भी समय हादसा होने की आशंका बनी हुई है।पुलिया पर पानी चढ़ने की सूचना के बाद गुरुवार को अनुमंडल पदाधिकारी अविनाश कुमार मौके पर पहुंचे और बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सड़क पर बह रहे पानी की स्थिति, जलस्तर और वाहनों के आवागमन का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का निर्देश दिया।एसडीओ ने चौसा के अंचलाधिकारी विजय प्रकाश को पुलिया के दोनों किनारों पर तत्काल बैरिकेडिंग कराने तथा जाली लगाने का निर्देश दिया।

साथ ही वाहन चालकों को खतरे की स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई देने के लिए दोनों तरफ लाल झंडे लगाने को कहा गया। प्रशासन का उद्देश्य पानी में डूबी सड़क की स्थिति से वाहन चालकों को सचेत करना और दुर्घटना की संभावना को कम करना है।एसडीओ ने पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन को आसपास के गांवों में जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया। ग्रामीणों से बाढ़ के पानी में अनावश्यक रूप से जाने और नहाने से बचने की अपील की गई। वहीं, अभिभावकों को बच्चों पर विशेष नजर रखने तथा उन्हें गहरे एवं अनजान पानी के पास जाने से रोकने की हिदायत दी गई।कर्मनाशा नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ पुलिया पर पानी का दबाव भी बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से बाढ़ प्रभावित सड़क पर अत्यधिक सावधानी के साथ आवागमन करने और खतरे के संकेतों की अनदेखी नहीं करने की अपील की है।