चीनी के दामों ने बिगाड़ा ग्रामीण परिवारों का बजट, त्योहार से पहले महंगाई की मार

त्योहारों के मौसम से पहले चीनी की कीमतों में अचानक आई तेजी ने ग्रामीण परिवारों के घरेलू बजट को प्रभावित कर दिया है। राजपुर प्रखंड सहित आसपास के ग्रामीण बाजारों में पिछले एक महीने के दौरान चीनी की कीमत में करीब 20 से 25 रुपये प्रति किलो तक का उछाल देखा जा रहा है। इससे खासकर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

चीनी के दामों ने बिगाड़ा ग्रामीण परिवारों का बजट, त्योहार से पहले महंगाई की मार

__ एक माह में 45 से बढ़कर 65-70 रुपये किलो पहुंची कीमत, ग्रामीण बाजारों में उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी

केटी न्यूज/राजपुर।

त्योहारों के मौसम से पहले चीनी की कीमतों में अचानक आई तेजी ने ग्रामीण परिवारों के घरेलू बजट को प्रभावित कर दिया है। राजपुर प्रखंड सहित आसपास के ग्रामीण बाजारों में पिछले एक महीने के दौरान चीनी की कीमत में करीब 20 से 25 रुपये प्रति किलो तक का उछाल देखा जा रहा है। इससे खासकर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।स्थानीय बाजार में करीब एक माह पहले 45 रुपये किलो बिकने वाली चीनी अब 65 से 70 रुपये किलो तक पहुंच गई है। कई दुकानदारों द्वारा अलग-अलग दरों पर बिक्री किए जाने से उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है। त्योहारों के नजदीक आने के साथ चीनी की खपत बढ़ने की संभावना है। ऐसे में कीमतों में लगातार वृद्धि ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

ग्रामीण उपभोक्ताओं का कहना है कि चीनी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तु है। चाय, घरेलू नाश्ते और त्योहारों में बनने वाले पकवानों में इसका इस्तेमाल होता है। ऐसे में कीमत बढ़ने का सीधा असर परिवार के मासिक खर्च पर पड़ रहा है। पहले से ही खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों के लिए चीनी की महंगाई अतिरिक्त बोझ बन गई है।राजपुर के किराना दुकानदार विनय त्रिगुण ने बताया कि थोक मंडी में चीनी महंगी मिलने के कारण खुदरा कीमत बढ़ानी पड़ रही है। दुकानदारों के अनुसार उन्हें भी बढ़ी कीमत पर माल खरीदना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने प्रशासन से बाजार में चीनी की कीमतों की निगरानी कराने तथा उचित मूल्य की दुकानों पर पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि त्योहारों के दौरान जमाखोरी और मनमानी कीमत पर बिक्री पर प्रभावी रोक लगाकर ही उपभोक्ताओं को राहत दी जा सकती है।