चौसा थर्मल पावर प्लांट को अंतिम चेतावनी, नवरात्रि के बाद होगा निर्णायक आंदोलन
प्रभावित किसान खेतिहर मजदूर मोर्चा, चौसा ने थर्मल पावर प्लांट प्रबंधन और प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब धैर्य की सीमा समाप्त हो चुकी है। मोर्चा ने कहा है कि यदि स्थानीय किसानों, खेतिहर मजदूरों और प्रभावित ग्रामीणों की लंबित मांगों, विशेषकर स्थानीय रोजगार और प्रदूषण नियंत्रण पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो नवरात्रि के बाद व्यापक और निर्णायक जनआंदोलन छेड़ा जाएगा।
__ 20 मार्च को “काला दिवस” मनाएगा मोर्चा, रोजगार और प्रदूषण पर ठोस कदम नहीं उठे तो गेट बंद व चक्का जाम की चेतावनी
केटी न्यूज/चौसा :
प्रभावित किसान खेतिहर मजदूर मोर्चा, चौसा ने थर्मल पावर प्लांट प्रबंधन और प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब धैर्य की सीमा समाप्त हो चुकी है। मोर्चा ने कहा है कि यदि स्थानीय किसानों, खेतिहर मजदूरों और प्रभावित ग्रामीणों की लंबित मांगों, विशेषकर स्थानीय रोजगार और प्रदूषण नियंत्रण पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो नवरात्रि के बाद व्यापक और निर्णायक जनआंदोलन छेड़ा जाएगा।मोर्चा के अनुसार, 2 मार्च को बनारपुर पंचायत भवन में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि 19 मार्च तक मांगें पूरी नहीं होने पर 20 मार्च से थर्मल पावर प्लांट का कार्य शांतिपूर्ण ढंग से अनिश्चितकालीन रूप से बंद कराया जाएगा।

हालांकि, चैत्र नवरात्रि और आगामी ईद पर्व की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रस्तावित आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।इसके बावजूद मोर्चा ने 20 मार्च को वर्ष 2024 में किसानों पर हुए कथित अत्याचारों को याद करते हुए “काला दिवस” मनाने की घोषणा की है। इस दिन प्लांट के उच्च अधिकारियों को प्रतीकात्मक रूप से ज्ञापन सौंपा जाएगा और प्रशासन को उसकी जिम्मेदारी का एहसास कराया जाएगा।मोर्चा ने अपने बयान में आरोप लगाया कि वर्ष 2024 में प्रशासन द्वारा किसानों के साथ बर्बरता, गांवों में घुसकर लूट और अन्याय की घटनाएं हुई थीं, जिनके जख्म आज भी ताजा हैं।

इन मुद्दों पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं होने से आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।अंतिम चेतावनी देते हुए मोर्चा ने कहा है कि रामनवमी के बाद भी यदि उनकी प्रमुख मांगें, स्थानीय प्रभावितों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार और प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी उपाय पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन की नई तिथि घोषित कर दी जाएगी।मोर्चा ने साफ कर दिया है कि अगली बार आंदोलन और अधिक व्यापक होगा, जिसमें थर्मल पावर प्लांट का मुख्य गेट बंद करने और सड़क पर उतरकर चक्का जाम करने जैसे कदम उठाए जाएंगे। ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की होगी।

