महादेवा घाट पर चढ़ा गंगा का पानी, अंतिम सोमवारी पर बढ़ी चुनौती
गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने चौसा के महादेवा घाट की तस्वीर बदल दी है। शुक्रवार को नदी का पानी घाट के बड़े हिस्से तक पहुंच गया, जबकि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाया गया चेंजिंग रूम पूरी तरह जलमग्न हो गया। घाट पर तेजी से बढ़ता पानी अब सावन की अंतिम सोमवारी पर प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

__ घाट का चेंजिंग रूम जलमग्न, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कसी कमर; सीओ व पुलिस अधिकारियों ने लिया जायजा
केटी न्यूज/चौसा।
गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने चौसा के महादेवा घाट की तस्वीर बदल दी है। शुक्रवार को नदी का पानी घाट के बड़े हिस्से तक पहुंच गया, जबकि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बनाया गया चेंजिंग रूम पूरी तरह जलमग्न हो गया। घाट पर तेजी से बढ़ता पानी अब सावन की अंतिम सोमवारी पर प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। अंतिम सोमवारी को गंगा स्नान और जलभरी के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए अंचल प्रशासन ने घाटों और नदी किनारे के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। शुक्रवार को सीओ विजय प्रकाश ने गंगा और कर्मनाशा नदी के तटीय क्षेत्रों का निरीक्षण किया।

महादेवा घाट पहुंचकर उन्होंने जलस्तर, घाट की स्थिति और श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़े इंतजामों का जायजा लिया। इस दौरान अपर थानाध्यक्ष चंदन कुमार भी मौजूद रहे।निरीक्षण के दौरान प्रशासन ने अंतिम सोमवारी पर संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंथन किया। घाट पर श्रद्धालुओं को गहरे पानी की ओर जाने से रोकने, भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्णय लिया गया।सीओ विजय प्रकाश ने बताया कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

राहत एवं बचाव दल को अलर्ट मोड में रखा गया है। राजस्व कर्मियों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। घाटों पर खतरे वाले स्थानों को चिह्नित कर बैरिकेडिंग की जाएगी। स्थानीय गोताखोरों की भी मदद ली जाएगी।प्रशासन की ओर से अंतिम सोमवारी को घाटों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की तैयारी की जा रही है। बढ़ते जलस्तर के बीच श्रद्धालुओं से भी सतर्कता बरतने और प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र में ही स्नान करने की अपील की जाएगी। नदी के रौद्र रूप को देखते हुए इस बार आस्था के साथ सुरक्षा को प्राथमिकता देने की तैयारी है।

