राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह से मामलों के निपटारे पर जोर

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार 12 सितंबर को व्यवहार न्यायालय परिसर, बक्सर में वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक लंबित वादों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित निष्पादन कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह से मामलों के निपटारे पर जोर

__ 12 सितंबर को व्यवहार न्यायालय परिसर में वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत, थानाध्यक्षों को पक्षकारों को समय पर नोटिस तामिला कराने का निर्देश

केटी न्यूज/बक्सर। 

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार 12 सितंबर को व्यवहार न्यायालय परिसर, बक्सर में वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक लंबित वादों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित निष्पादन कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है।इसी क्रम में शुक्रवार को विधिक सेवा सदन भवन में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, बक्सर देवेश कुमार की अध्यक्षता में जिले के थानाध्यक्षों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने थाना प्रभारियों से कहा कि जिला कार्यालय द्वारा निष्पादन के लिए चिन्हित मामलों में दोनों पक्षकारों को समय पर नोटिस की तामिला सुनिश्चित कराएं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत लंबित मामलों के शीघ्र एवं सुलह के आधार पर निष्पादन का प्रभावी माध्यम है। इसलिए संबंधित पक्षकारों को समय रहते इसकी जानकारी देकर उन्हें आपसी सहमति और समझौते के आधार पर अपने वादों का निपटारा कराने के लिए प्रेरित किया जाए। समय पर सूचना मिलने से पक्षकार लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने मामलों को आपसी समझौते से समाप्त करा सकेंगे।बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि व्यवहार न्यायालय, बक्सर में लंबित मामलों के पक्षकारों तक नोटिस ससमय पहुंचाया जाए। इसके लिए थाना स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए नोटिस की तामिला में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया गया।

मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने कहा कि आपसी सुलह और समझौते के माध्यम से मामलों के निपटारे से न केवल पक्षकारों को शीघ्र न्याय मिलता है, बल्कि न्यायालयों में लंबित मुकदमों का बोझ भी कम होता है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों से राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकाधिक मामलों के निष्पादन के लिए समन्वित प्रयास करने की अपील की।बैठक में जिले के विभिन्न थानों के थानाध्यक्ष उपस्थित रहे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि चिन्हित मामलों के पक्षकारों को समय पर सूचित कर राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित होने तथा सुलह-समझौते के माध्यम से वादों के निष्पादन के लिए प्रेरित करें।