राष्ट्रीय लोक अदालत में 1708 मामलों का निपटारा, साढ़े 14 करोड़ से अधिक की राशि पर हुआ समझौता
जिला विधिक सेवा प्राधिकार बक्सर के तत्वावधान में शनिवार को वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन व्यवहार न्यायालय परिसर में किया गया। इस दौरान विभिन्न प्रकार के कुल 1708 मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। इन मामलों में कुल 14 करोड़ 75 लाख 55 हजार 951 रुपये की समझौता राशि पर पक्षकारों के बीच सहमति बनी। मामलों के त्वरित निपटारे के लिए कुल नौ बेंचों का गठन किया गया था, जहां न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा पारा विधिक स्वयंसेवकों की उपस्थिति में पक्षकारों के बीच समझौता कराया गया।

__ व्यवहार न्यायालय परिसर में लगी 9 बेंचों में बैंक, यातायात, बिजली, आपराधिक व वैवाहिक मामलों का हुआ समाधान
केटी न्यूज/बक्सर:
जिला विधिक सेवा प्राधिकार बक्सर के तत्वावधान में शनिवार को वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन व्यवहार न्यायालय परिसर में किया गया। इस दौरान विभिन्न प्रकार के कुल 1708 मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। इन मामलों में कुल 14 करोड़ 75 लाख 55 हजार 951 रुपये की समझौता राशि पर पक्षकारों के बीच सहमति बनी। मामलों के त्वरित निपटारे के लिए कुल नौ बेंचों का गठन किया गया था, जहां न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा पारा विधिक स्वयंसेवकों की उपस्थिति में पक्षकारों के बीच समझौता कराया गया।राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार बक्सर काजल झांब, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय मनोज कुमार प्रथम, जिलाधिकारी साहिला तथा पुलिस अधीक्षक शुभम आर्या सहित अन्य पदाधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव सह अवर न्यायाधीश नेहा दयाल, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह श्रीनेत, विधिक सहायता प्रतिरक्षा प्रणाली के मुख्य अधिवक्ता विनय कुमार सिन्हा, जिला अधिवक्ता संघ के सचिव बिंदेश्वरी पांडेय समेत कई न्यायिक पदाधिकारी और अधिवक्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन पैनल अधिवक्ता विष्णु दत्त द्विवेदी ने किया।उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश काजल झांब ने कहा कि लोक अदालत न्याय प्राप्ति का एक सरल, सुलभ और त्वरित माध्यम है। यहां मामलों का निपटारा आपसी सहमति के आधार पर किया जाता है, जिसमें न तो कोई पक्ष हारता है और न ही कोई जीतता है, बल्कि दोनों पक्षों की जीत होती है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति अपने विवादों का शीघ्र समाधान चाहता है, वह लोक अदालत के माध्यम से अपने मामले का निपटारा करा सकता है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव नेहा दयाल ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली के निर्देश पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन एक जन अभियान के रूप में किया जाता है। इसका उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या को कम करना तथा आम लोगों को सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि कई बार लोग अपने मामलों को लेकर निचली अदालतों से लेकर उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय तक भटकते रहते हैं, लेकिन लोक अदालत के माध्यम से एक ही दिन में सुलह के आधार पर मामले का समाधान संभव हो जाता है।लोक अदालत के दौरान विभिन्न प्रकार के मामलों का निपटारा किया गया। बैंक से जुड़े 544 मामलों में समझौता हुआ, जिसमें 13 करोड़ 11 लाख 60 हजार 794 रुपये की राशि पर सहमति बनी। इसके अलावा यातायात से संबंधित 618 मामलों का निपटारा किया गया।
वहीं 165 आपराधिक मामलों, 265 विद्युत मामलों, 13 वैवाहिक मामलों और एनआई एक्ट के चार मामलों को भी सुलह-समझौते के आधार पर समाप्त कराया गया।इसी तरह विभिन्न बैंकों की रिकवरी से जुड़े 98 मामलों में भी समझौता हुआ, जिसमें 1 करोड़ 12 लाख 81 हजार 51 रुपये की राशि पर पक्षकारों ने हस्ताक्षर किए। जिला परिवहन पदाधिकारी से संबंधित मामलों का भी लोक अदालत में समाधान कराया गया।लोक अदालत में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश उदय प्रताप सिंह, सुदेश कुमार श्रीवास्तव, संजीत कुमार सिंह, अमित कुमार शर्मा, सोनेलाल रजक, कमल कुमार, मानस कुमार वत्सल और अनुपमा सिंह सहित कई न्यायिक पदाधिकारी विभिन्न बेंचों में शामिल रहे। इसके अलावा अवर न्यायाधीश भोला सिंह और महेश्वर नाथ पांडेय तथा न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी मानवेन्द्र सिंह भी पीठ में उपस्थित थे।मामलों के निपटारे में पैनल अधिवक्ताओं और पारा विधिक स्वयंसेवकों की भी अहम भूमिका रही।

पैनल अधिवक्ताओं में दीपिका कुमारी केसरी, कंचन कुमारी, ज्योति शंकर, धर्मेंद्र कुमार, राजीव कुमार मिश्रा, सेवानंद उपाध्याय, मधु कुमारी, विष्णु दत्त द्विवेदी, रामानंद मिश्रा और रेणु रणविजय ओझा समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे। वहीं पारा विधिक स्वयंसेवकों में कविंद्र पाठक, मनन कुमार सिंह, शिवदयाल पांडेय, प्रमोद कुमार, रामजी यादव, विवेक कुमार और प्रेम प्रकाश चौबे सहित कई लोग सक्रिय रूप से सहयोग करते नजर आए।कार्यक्रम के दौरान न्यायालय के प्रशासनिक व अन्य कर्मियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनमें सुधीर कुमार, दीपेश कुमार, संजीव कुमार, अशोक कुमार सिंह, प्रभारी प्रशासन राजीव कुमार, नाजिर संतोष द्विवेदी, ओम प्रकाश सिंह और अविनाश सहित कई कर्मचारी मौजूद थे।लोक अदालत में बड़ी संख्या में पहुंचे पक्षकारों ने अपने मामलों का आपसी सहमति से निपटारा कराया और त्वरित न्याय मिलने पर संतोष व्यक्त किया।

