मध्यमा परीक्षा को लेकर बक्सर में सख्ती, परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर दायरे में धारा 163 लागू

मध्यमा परीक्षा 2026 के स्वच्छ, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर अविनाश कुमार से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी साहिला और पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य के संयुक्त आदेश ज्ञापांक 10-0899/गो० दिनांक 9 मार्च के आलोक में परीक्षा केंद्रों पर दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

मध्यमा परीक्षा को लेकर बक्सर में सख्ती, परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर दायरे में धारा 163 लागू

__ 16 से 19 मार्च तक दो पालियों में होगी परीक्षा, भीड़ और अव्यवस्था रोकने के लिए दंडाधिकारियों व पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति

केटी न्यूज/बक्सर

मध्यमा परीक्षा 2026 के स्वच्छ, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर अविनाश कुमार से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी साहिला और पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य के संयुक्त आदेश ज्ञापांक 10-0899/गो० दिनांक 9 मार्च के आलोक में परीक्षा केंद्रों पर दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।मध्यमा परीक्षा 16 मार्च से प्रारंभ होकर 19 मार्च तक दो पालियों में आयोजित की जाएगी। इसके लिए जिले में तीन परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जिनमें उच्च माध्यमिक विद्यालय अहिरौली बक्सर, उच्च माध्यमिक विद्यालय जासो बक्सर तथा +2 उत्क्रमित उच्च विद्यालय कृतपुरा बक्सर शामिल हैं।

परीक्षा के दौरान केंद्रों पर भीड़ और संभावित अव्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने सख्त एहतियाती कदम उठाए हैं।अनुमंडल दंडाधिकारी बक्सर सदर ने अपने निहित अधिकारों का प्रयोग करते हुए इन सभी परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह आदेश 16 मार्च से 19 मार्च तक प्रभावी रहेगा।जारी आदेश के अनुसार परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के भीतर पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक स्थान पर एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। यह प्रतिबंध प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और संबंधित कर्मियों को छोड़कर अन्य सभी पर लागू होगा। परीक्षार्थियों के अभिभावकों और मीडिया कर्मियों को भी इस प्रतिबंध के दायरे में रखा गया है, ताकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की भीड़ या अव्यवस्था न हो सके।

इसके अलावा प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति के घातक हथियार या आग्नेयास्त्र लेकर चलने पर भी पूरी तरह रोक रहेगी। यह छूट केवल प्रतिनियुक्त पुलिस बल को दी गई है। साथ ही इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के जुलूस या प्रदर्शन पर भी प्रतिबंध रहेगा। हालांकि धार्मिक कार्यक्रम, शवयात्रा और शादी जैसे आवश्यक सामाजिक कार्यक्रमों को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है।प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के आसपास ध्वनि प्रदूषण पर भी नियंत्रण के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रोक लगा दी है। वहीं प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी प्रकार के धूम्रपान पर भी पूर्णतः निषेध रहेगा।

विधि-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने संबंधित थानों को भी विशेष निर्देश दिए हैं। थानाध्यक्ष बक्सर नगर, औद्योगिक और मुफस्सिल को निर्देश दिया गया है कि वे निर्धारित तिथियों पर स्वयं पुलिस बल के साथ परीक्षा केंद्रों पर उपस्थित रहकर व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेंगे।साथ ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बक्सर से भी अनुरोध किया गया है कि परीक्षा अवधि के दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, महिला बल तथा पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हो सके। प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।