कंबोडिया में फंसे बक्सर के चार युवक, 19 फरवरी से संपर्क टूटा

रोजगार की तलाश में विदेश गए बक्सर जिले के चार युवकों का 19 फरवरी के बाद से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। युवकों के अचानक संपर्क टूटने से उनके परिवारों में बेचैनी और चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिजन आशंका जता रहे हैं कि कंबोडिया में उनसे जबरन साइबर ठगी का काम कराया जा रहा है और विरोध करने पर उन्हें बंद कर दिया गया है।

कंबोडिया में फंसे बक्सर के चार युवक, 19 फरवरी से संपर्क टूटा

__ रोजगार के नाम पर ले जाए गए युवकों से साइबर ठगी कराने का आरोप, परिवारों की गुहार के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं

केटी न्यूज/डुमरांव :

रोजगार की तलाश में विदेश गए बक्सर जिले के चार युवकों का 19 फरवरी के बाद से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। युवकों के अचानक संपर्क टूटने से उनके परिवारों में बेचैनी और चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। परिजन आशंका जता रहे हैं कि कंबोडिया में उनसे जबरन साइबर ठगी का काम कराया जा रहा है और विरोध करने पर उन्हें बंद कर दिया गया है।डुमरांव अनुमंडल के कोरान सराय थाना क्षेत्र के स्थानीय गांव निवासी सुखदेव सिंह के पुत्र गोविंद सिंह सहित चार युवक रोजगार के झांसे में 3 जनवरी 2026 को कंबोडिया गए थे। उनके साथ कड़सर गांव के विनोद कुमार चौधरी तथा भोजपुर जिले के अमरजीत कुमार और मनीष कुमार भी विदेश गए थे।

परिजनों के अनुसार, वहां पहुंचने के कुछ दिन बाद युवकों ने बताया था कि उनसे ऑनलाइन ठगी से जुड़े काम करने का दबाव बनाया जा रहा है।बताया जाता है कि युवकों ने जब इस तरह के अवैध काम से इनकार किया तो उनके पासपोर्ट और अन्य जरूरी कागजात जब्त कर लिए गए। इसके बाद उन्हें एक जगह बंद कर दिया गया। परिवार वालों के मुताबिक 19 फरवरी को आखिरी बार फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें युवकों ने अपनी परेशानी बताई थी। इसके बाद से उनका मोबाइल बंद आ रहा है और अब तक कोई संपर्क नहीं हो पाया है।इधर संपर्क टूटने के बाद से गोविंद सिंह के घर का माहौल पूरी तरह बदल गया है। मां विमला देवी और पत्नी निभा कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के अन्य सदस्य भी लगातार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के पास जाकर मदद की गुहार लगा रहे हैं।

__ मंत्रालय से लेकर जनप्रतिनिधियों तक लगाई गुहार

गोविंद के भाई अखिलेश कुमार ने बताया कि युवकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए परिवार के लोग लगातार प्रयास कर रहे हैं। इस सिलसिले में आरा सांसद सुदामा प्रसाद, बक्सर सांसद सुधाकर सिंह, विधायक संतोष निराला, बक्सर जिलाधिकारी तथा दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय को आवेदन देकर मदद की मांग की गई है।परिजनों का कहना है कि अब तक सभी जगहों से सिर्फ आश्वासन मिला है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। ऐसे में परिवार के लोगों की चिंता और बढ़ती जा रही है। परिजन सरकार और प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि कंबोडिया में फंसे युवकों को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के लिए ठोस पहल की जाए।