तीसरे दिन भी नहीं खुला वकील पासी की मौत का राज, हादसा या हत्या पर अटकी पुलिस

हरनही रोड स्थित बागीचे से रक्षाबंधन की रात रहस्यमय ढंग से लापता हुए 55 वर्षीय वकील पासी की मौत का रहस्य तीसरे दिन भी बरकरार है। शव बरामद हुए तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने में नाकाम रही है कि वकील पासी की मौत नदी में डूबने से हुई या उनकी हत्या कर शव को कांव नदी में फेंका गया।

तीसरे दिन भी नहीं खुला वकील पासी की मौत का राज, हादसा या हत्या पर अटकी पुलिस

__ बेटी राबड़ी देवी समेत परिजन हत्या पर कायम, बोले—सुनियोजित तरीके से शव को ठिकाने लगाने के लिए कांव नदी में फेंका गया; बागीचे से एक किमी दूर सुनसान जगह पर मिला था शव

केटी न्यूज/डुमरांव

हरनही रोड स्थित बागीचे से रक्षाबंधन की रात रहस्यमय ढंग से लापता हुए 55 वर्षीय वकील पासी की मौत का रहस्य तीसरे दिन भी बरकरार है। शव बरामद हुए तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने में नाकाम रही है कि वकील पासी की मौत नदी में डूबने से हुई या उनकी हत्या कर शव को कांव नदी में फेंका गया। पुलिस की जांच फिलहाल पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट के इर्द-गिर्द घूम रही है। वहीं, मृतक की बेटी राबड़ी देवी समेत अन्य परिजन हत्या की आशंका पर पूरी तरह कायम हैं।परिजनों का साफ कहना है कि वकील पासी की सुनियोजित तरीके से हत्या की गई और साक्ष्य मिटाने तथा शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से उसे सुनसान इलाके में स्थित कांव नदी में फेंका गया। परिजनों के मुताबिक, जिस बागीचे में वकील पासी रात में रखवाली करते थे, वहां उनकी चप्पल और कपड़े मिले हैं, जबकि उनका शव बागीचे से करीब एक किलोमीटर दूर हरनही ब्रह्म स्थान के समीप कांव नदी से बरामद हुआ।

__ चप्पल-कपड़े बागीचे में, शव नदी में मिलने से सवाल

परिजनों के अनुसार वकील पासी आमतौर पर बागीचे से बाहर नहीं जाते थे। जरूरत पड़ने पर भी चप्पल पहनकर ही निकलते थे। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि वे खुद बागीचे से निकले थे तो उनकी चप्पल और कपड़े वहीं कैसे रह गए? क्या वे बिना चप्पल के करीब एक किलोमीटर दूर नदी तक गए थे या किसी ने उन्हें वहां पहुंचाया?परिजन नदी की मौजूदा स्थिति को भी संदेह का आधार बता रहे हैं। उनका कहना है कि कांव नदी में फिलहाल न तो पर्याप्त पानी है और न ही इतनी तेज धार कि करीब 60-65 किलो वजन के व्यक्ति का शव बहकर बागीचे से इतनी दूर पहुंच जाए। इसी आधार पर परिवार आशंका जता रहा है कि शव को किसी दूसरी जगह से लाकर सुनसान स्थान पर नदी में फेंका गया।

__ पुलिस के सामने कई सवाल, जांच रिपोर्ट का इंतजार

मामले की पेचीदगी को देखते हुए पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले सामान, शव की स्थिति, बागीचे से नदी तक की दूरी, संभावित आवाजाही और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को जांच की अहम कड़ियों के रूप में देखा जा रहा है। थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास जारी है।इधर, लगातार तीसरे दिन भी मामले का खुलासा नहीं होने से परिजनों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। घटना के बाद बधार में रात के समय खेत और बागीचे की रखवाली करने वाले लोगों में भी चिंता है। ग्रामीणों की निगाह अब पुलिस की जांच पर टिकी है। हालांकि, हत्या या हादसा—दोनों में से किसी निष्कर्ष की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम-फोरेंसिक रिपोर्ट ही इस रहस्यमय मौत से पर्दा उठा सकेगी।