राहत की खबर, खतरे के निशान के करीब पहुंच थमा गंगा का जलस्तर

बक्सर में लगातार बढ़ते गंगा के जलस्तर के बीच रविवार शाम लोगों को थोड़ी राहत मिली। खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंचने के बाद गंगा का जलस्तर फिलहाल थम गया है। रविवार सुबह आठ बजे केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार बक्सर में गंगा का जलस्तर 59.53 मीटर दर्ज किया गया था। सुबह 10 बजे यह बढ़कर 59.55 मीटर पहुंच गया।

राहत की खबर, खतरे के निशान के करीब पहुंच थमा गंगा का जलस्तर

__ 59.55 मीटर पर पहुंचने के बाद पांच घंटे से स्थिर गंगा, खतरे के निशान से अभी 77 सेंटीमीटर नीचे · रामरेखा घाट के दोनों विवाह मंडप पानी में डूबे, नाव परिचालन पर रोक

केटी न्यूज/बक्सर।

बक्सर में लगातार बढ़ते गंगा के जलस्तर के बीच रविवार शाम लोगों को थोड़ी राहत मिली। खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंचने के बाद गंगा का जलस्तर फिलहाल थम गया है। रविवार सुबह आठ बजे केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार बक्सर में गंगा का जलस्तर 59.53 मीटर दर्ज किया गया था। सुबह 10 बजे यह बढ़कर 59.55 मीटर पहुंच गया। इसके बाद जलस्तर में वृद्धि रुक गई और शाम छह बजे तक यह 59.55 मीटर पर ही स्थिर रहा। पिछले करीब पांच घंटे से नदी का जलस्तर स्थिर रहने से प्रशासन और नदी किनारे बसे लोगों ने राहत की सांस ली है।बक्सर में गंगा का चेतावनी स्तर 59.32 मीटर और खतरे का निशान 60.32 मीटर निर्धारित है। इस लिहाज से नदी खतरे के निशान से अब महज 77 सेंटीमीटर नीचे है। हालांकि, जलस्तर के स्थिर होने से तत्काल राहत के संकेत मिले हैं, लेकिन नदी के तेवर को देखते हुए खतरा अभी टला नहीं है। जलस्तर में दोबारा वृद्धि शुरू होने की स्थिति में निचले इलाकों में परेशानी तेजी से बढ़ सकती है।

__रामरेखा घाट पर पानी-पानी

गंगा के उफान का सबसे स्पष्ट असर रामरेखा घाट पर दिखाई दे रहा है। पहले पुराने विवाह मंडप में पानी घुसा और इसके बाद शनिवार को नए विवाह मंडप में भी नदी का पानी प्रवेश कर गया। घाट के निचले हिस्से पानी में डूब चुके हैं। इससे पंडा बंधुओं समेत घाट से जुड़े लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं।

__ निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ी

गंगा के बढ़ते जलस्तर ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सोन नहर के आसपास तथा गंगा के समीपवर्ती निचले क्षेत्रों में लोग लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग भी संवेदनशील इलाकों की स्थिति पर निगाह रख रहे हैं।

__ नाव परिचालन पर रोक

बढ़ते जलस्तर और नदी की तेज धारा को देखते हुए प्रशासन ने गंगा में नाव परिचालन पर रोक लगा दी है। लोगों को घाटों के खतरनाक हिस्सों में जाने और नदी में उतरने से बचने की सलाह दी गई है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को नदी से दूर रखने की अपील की गई है।फिलहाल गंगा के पांच घंटे से स्थिर रहने को राहत के तौर पर देखा जा रहा है। लेकिन खतरे के निशान से महज 77 सेंटीमीटर नीचे बह रही नदी को देखते हुए प्रशासन और लोगों की नजर अब अगले कुछ घंटों के जलस्तर पर टिकी है।