सड़कें नहीं बनीं तो मंगलवार से आमरण अनशन

डुमरांव शहर की जर्जर सड़कों और बदहाल नागरिक सुविधाओं को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है। समाजसेवी संस्था स्वयं शक्ति के बैनर तले चल रहे अनिश्चितकालीन आंदोलन के तीसरे दिन रविवार को कार्यकर्ताओं ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। संस्था ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक सड़क निर्माण और अन्य मांगों पर लिखित आश्वासन के साथ कार्य शुरू कराने की समयसीमा तय नहीं की गई, तो मंगलवार से भूख हड़ताल को आमरण अनशन में तब्दील कर दिया जाएगा।

सड़कें नहीं बनीं तो मंगलवार से आमरण अनशन

__ भूख हड़ताल पर बैठे स्वयं शक्ति के कार्यकर्ता, लिखित आश्वासन और काम शुरू होने की समयसीमा पर अड़े; राज हाई स्कूल मैदान के जीर्णोद्धार की मांग भी तेज

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव शहर की जर्जर सड़कों और बदहाल नागरिक सुविधाओं को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है। समाजसेवी संस्था स्वयं शक्ति के बैनर तले चल रहे अनिश्चितकालीन आंदोलन के तीसरे दिन रविवार को कार्यकर्ताओं ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। संस्था ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक सड़क निर्माण और अन्य मांगों पर लिखित आश्वासन के साथ कार्य शुरू कराने की समयसीमा तय नहीं की गई, तो मंगलवार से भूख हड़ताल को आमरण अनशन में तब्दील कर दिया जाएगा।आंदोलन का नेतृत्व संस्था के अध्यक्ष धीरज मिश्रा कर रहे हैं। राजन तिवारी समेत कई कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर बैठे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि अब केवल मौखिक आश्वासन से काम नहीं चलेगा। प्रशासन को लिखित रूप से यह बताना होगा कि किन सड़कों का निर्माण कब से शुरू होगा और उन्हें कब तक दुरुस्त कर दिया जाएगा।

__ धूल, गड्ढे और जलजमाव से शहरवासी परेशान

प्रदर्शनकारियों ने पुराना भोजपुर से मां डुमरेजनी प्रवेश द्वार तक की सड़क, जंगली शिव रोड तथा राज हाई स्कूल मैदान के आसपास की सड़कों की बदहाली को प्रमुख मुद्दा बनाया है। उनका आरोप है कि कई सड़कों की सतह पूरी तरह उखड़ चुकी है और जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं। वाहनों के गुजरने से दिनभर धूल उड़ती रहती है, जिससे राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।आंदोलनकारियों ने कहा कि बारिश के दौरान समस्या और गंभीर हो जाती है। गड्ढों में पानी भरने और कीचड़ जमा होने से आवागमन मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों, मरीजों, बुजुर्गों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को विशेष परेशानी होती है। संस्था ने आरोप लगाया कि तीन दिनों से आंदोलन चलने के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

__ खेल मैदान के विकास का मामला भी गरमाया

आंदोलन के दौरान राज हाई स्कूल के खेल मैदान की बदहाली का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया। आंदोलनकारियों के अनुसार जलजमाव के कारण मैदान लंबे समय से खेल गतिविधियों के लिए उपयोगी नहीं रह गया है। इससे छात्रों और स्थानीय युवाओं को खेल के लिए उचित जगह नहीं मिल पा रही है।संस्था के सदस्यों ने बताया कि मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत मैदान के विकास के लिए 205.92 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन इसके बावजूद धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ है। इसे लेकर युवाओं में भी नाराजगी है।

__ बोले आंदोलनकारी- जनता की मांग पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष

आंदोलनकारियों ने कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष का आंदोलन नहीं, बल्कि डुमरांव शहर की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ा जनहित का सवाल है। सड़क, खेल मैदान और अन्य नागरिक समस्याओं का स्थायी समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रशासन की ओर से यदि जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई तो मंगलवार से आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।रविवार को आंदोलन को समर्थन देने वालों में छात्र नेता रंजन ओझा, मनीष मिश्र, बिट्टू चौधरी, शौर्य केशरी, रंजीत यादव, पीयूष उपाध्याय, अशोक राय, मनोज राय और कल्याण तिवारी समेत कई लोग शामिल रहे। प्रशासन की अगली कार्रवाई पर अब आंदोलनकारियों के साथ-साथ शहरवासियों की भी नजर टिकी है।