न्यायालयी कार्यसंस्कृति और तकनीकी दक्षता पर केंद्रित रहा लिपिकों का प्रशिक्षण

जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर के विधिक सेवा सदन में आयोजित नवनियुक्त लिपिकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम रविवार को संपन्न हो गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य न्यायालयी कार्यप्रणाली से जुड़े नए कर्मियों को तकनीकी दक्षता, प्रशासनिक जिम्मेदारियों और न्यायिक कार्यसंस्कृति से अवगत कराना था।

न्यायालयी कार्यसंस्कृति और तकनीकी दक्षता पर केंद्रित रहा लिपिकों का प्रशिक्षण

--बक्सर में दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न, न्यायिक अनुशासन व संवेदनशीलता को बताया सेवा का आधार

केटी न्यूज/बक्सर

जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर के विधिक सेवा सदन में आयोजित नवनियुक्त लिपिकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम रविवार को संपन्न हो गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य न्यायालयी कार्यप्रणाली से जुड़े नए कर्मियों को तकनीकी दक्षता, प्रशासनिक जिम्मेदारियों और न्यायिक कार्यसंस्कृति से अवगत कराना था। कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों एवं अनुभवी कर्मचारियों ने लिपिकों को न्यायालय की गरिमा के अनुरूप कार्य करने की सीख दी।समापन सत्र को संबोधित करते हुए नोडल अधिकारी सह न्यायिक दंडाधिकारी चंदन कुमार ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था में लिपिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि न्यायालयी कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और शुद्धता बनाए रखने के लिए कर्मचारियों का प्रशिक्षित होना जरूरी है।

प्रशिक्षण के माध्यम से नए लिपिकों को न्यायिक प्रक्रियाओं, अभिलेखों के रखरखाव तथा तकनीकी कार्यों की व्यावहारिक जानकारी दी गई।प्रभारी प्रशासन न्यायालय राजीव कुमार श्रीवास्तव ने न्यायालयी अनुशासन और जिम्मेदारी पर बल देते हुए कहा कि न्यायिक व्यवस्था की विश्वसनीयता कर्मचारियों की कार्यशैली से भी तय होती है। उन्होंने लिपिकों से ईमानदारी, समयपालन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया।वरिष्ठ कर्मचारी कौशलेंद्र कुमार ओझा ने न्यायिक संवेदनशीलता और आचरण की गरिमा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि न्यायालय केवल एक कार्यालय नहीं, बल्कि आम लोगों की न्याय संबंधी उम्मीदों का केंद्र होता है।

ऐसे में यहां कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी का व्यवहार संयमित, निष्पक्ष और मर्यादित होना चाहिए। उन्होंने नए कर्मियों को न्यायालय के आदर्शों और कार्यसंस्कृति का पालन करते हुए सेवा भाव से कार्य करने की सलाह दी।कार्यक्रम के दौरान सिस्टम अधिकारी विजय कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। वहीं सिस्टम सहायक सद्दाम ने प्रोजेक्टर के माध्यम से न्यायालय में उपयोग होने वाली तकनीकी प्रणालियों और डिजिटल प्रक्रियाओं की जानकारी दी। प्रशिक्षण में शामिल लिपिकों ने भी इसे उपयोगी बताते हुए न्यायिक कार्यों को बेहतर ढंग से समझने का अवसर बताया।