डुमरांव नगर परिषद के ईओ का व्हाट्सएप हैक, कुछ घंटों बाद हुआ रिकवर
डुमरांव में साइबर अपराध अब सिर्फ आम लोगों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब सरकारी अधिकारियों को भी निशाना बनाया जा रहा है। बुधवार को साइबर ठगो ने डुमरांव नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राहुल धर दुबे का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर उनके परिचितों से पैसे ठग लिए। कुछ घंटों की मशक्कत के बाद अकाउंट तो रिकवर हो गया, लेकिन तब तक कई लोग ठगी का शिकार बन चुके थे।

केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव में साइबर अपराध अब सिर्फ आम लोगों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब सरकारी अधिकारियों को भी निशाना बनाया जा रहा है। बुधवार को साइबर ठगो ने डुमरांव नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राहुल धर दुबे का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर उनके परिचितों से पैसे ठग लिए। कुछ घंटों की मशक्कत के बाद अकाउंट तो रिकवर हो गया, लेकिन तब तक कई लोग ठगी का शिकार बन चुके थे।हैकर्स ने दुबे के नाम और पहचान का फायदा उठाते हुए उनके संपर्कों को मैसेज भेजे और बारकोड के जरिए तत्काल पैसे ट्रांसफर करने को कहा। चौंकाने वाली बात यह रही कि कई लोगों ने बिना पुष्टि किए ही रकम भेज दी। यह घटना बताती है कि साइबर अपराधी अब तकनीक से ज्यादा भरोसे और पहचान का दुरुपयोग कर रहे हैं।

इससे पहले भी स्थानीय स्कूल के प्रभारी प्राचार्य अनुराग मिश्रा समेत कई शिक्षक इसी तरह की ठगी का शिकार हो चुके हैं। बावजूद इसके, साइबर अपराध पर लगाम लगाने के दावे जमीन पर कमजोर नजर आते हैं।पीड़ितों का आरोप है कि साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराना भी आसान नहीं है। प्रक्रिया जटिल है और मामलों के निपटारे में देरी आम बात हो गई है। बताया जा रहा है कि साइबर से जुड़े अधिकांश मामले अब भी लंबित पड़े हैं, जिससे ठगों के हौसले बुलंद हैं।लगातार बढ़ रही घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता और तंत्र दोनों में गंभीर कमी है। यदि हालात ऐसे ही बने रहे, तो डिजिटल सुविधाएं लोगों के लिए जोखिम का कारण बनती जाएंगी। अब जरूरत है त्वरित कार्रवाई, सरल शिकायत प्रक्रिया और सख्त निगरानी की, ताकि साइबर ठगों के बढ़ते नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

