Tuesday, 3 November 2026
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पेड़ गिरा, उजड़ गया आशियाना, तीन दिन बाद भी मदद का इंतजार

नया भोजपुर के उत्तर टोला में तीन दिन पहले हुआ हादसा अब एक गरीब परिवार की जिंदगी का सबसे बड़ा संकट बन गया है। एक विशाल पेड़ के अचानक गिरने से रामनिवास शर्मा का मकान पूरी तरह धराशायी हो गया, लेकिन घटना के बाद से अब तक राहत और मदद का इंतजार खत्म नहीं हुआ है।

पेड़ गिरा, उजड़ गया आशियाना, तीन दिन बाद भी मदद का इंतजार

__ दिहाड़ी मजदूर परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर, प्रशासन पर उदासीनता का आरोप

केटी न्यूज/डुमरांव

नया भोजपुर के उत्तर टोला में तीन दिन पहले हुआ हादसा अब एक गरीब परिवार की जिंदगी का सबसे बड़ा संकट बन गया है। एक विशाल पेड़ के अचानक गिरने से रामनिवास शर्मा का मकान पूरी तरह धराशायी हो गया, लेकिन घटना के बाद से अब तक राहत और मदद का इंतजार खत्म नहीं हुआ है।हादसे के वक्त परिवार के सदस्य किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई। मगर इस राहत के पीछे कड़वी सच्चाई यह है कि अब उनके सिर पर छत नहीं बची है। परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है और रोजमर्रा की जरूरतें भी संकट में हैं।

पेड़ गिरा, उजड़ गया आशियाना, तीन दिन बाद भी मदद का इंतजार

रामनिवास शर्मा के पुत्रों ने बताया कि वे दिहाड़ी मजदूरी कर किसी तरह घर चलाते हैं। घर टूट जाने के बाद उनके सामने न सिर्फ रहने बल्कि खाने-पीने और अन्य जरूरी जरूरतों का भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि वे इतने सक्षम नहीं हैं कि अपने दम पर दोबारा मकान खड़ा कर सकें।पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद से वे लगातार स्थानीय प्रशासन से पेड़ हटाने और मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इससे परिवार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।स्थानीय वार्ड पार्षद धनंजय पांडेय ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि वरीय अधिकारियों को आवेदन देकर जल्द कार्रवाई की मांग की जाएगी।

पेड़ गिरा, उजड़ गया आशियाना, तीन दिन बाद भी मदद का इंतजार

उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता और उचित मुआवजा दिलाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।वहीं, इलाके के लोगों में भी इस मामले को लेकर आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते पेड़ों की देखरेख और खतरनाक पेड़ों को हटाने की व्यवस्था होती, तो इस तरह की घटना टाली जा सकती थी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द राहत पहुंचाकर परिवार को इस मुश्किल दौर से उबारा जाए।अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक इस उजड़े आशियाने को सहारा देता है या यह परिवार यूं ही मदद के इंतजार में दिन गुजारता रहेगा।

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