विश्वामित्र महोत्सव में गूंजी लोक-संस्कृति की गूंज

कला, संस्कृति और परंपरा की रंगीन छटा के बीच शनिवार को किला मैदान में आयोजित विश्वामित्र महोत्सव ने बक्सर की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई दी। कला संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार और जिला प्रशासन बक्सर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

विश्वामित्र महोत्सव में गूंजी लोक-संस्कृति की गूंज

-- किला मैदान बना सांस्कृतिक संगम, राष्ट्रपति सम्मानित कलाकारों का हुआ अभिनंदन

केटी न्यूज/बक्सर।

कला, संस्कृति और परंपरा की रंगीन छटा के बीच शनिवार को किला मैदान में आयोजित विश्वामित्र महोत्सव ने बक्सर की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई दी। कला संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार और जिला प्रशासन बक्सर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जिला पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, विशेष कार्य पदाधिकारी तथा जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। दीप प्रज्वलन के साथ ही पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

महोत्सव के आरंभ में बक्सर की धरती के गौरव, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित भोजपुरी गायक भरत शर्मा तथा प्रसिद्ध लोक गायक विष्णु ओझा को स्मृति चिन्ह और शॉल देकर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ा दिया।जिलाधिकारी साहिला ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वामित्र महोत्सव का मुख्य उद्देश्य लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना और बिहार की समृद्ध परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता को सुदृढ़ करते हैं और सांस्कृतिक गौरव की भावना को मजबूत बनाते हैं।

मंच पर एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। स्थानीय कलाकार पवन कुमार ने गणेश वंदना से कार्यक्रम की भावपूर्ण शुरुआत की। राहुल कुमार एवं समूह ने राम भजन की प्रस्तुति देकर श्रद्धा का वातावरण बनाया। जूही कुमारी और सलोनी कुमारी ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि भावना पांडे और बटेश्वर यादव ने भजनों से माहौल को भक्तिमय बनाए रखा। अनुराधा कुमारी, अभिनंदन ओझा और नीरज मिश्रा ने भी अपनी सशक्त प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। बारूद डांस एकेडमी के कलाकारों ने ऊर्जावान नृत्य से युवाओं में खास उत्साह जगाया।

मुख्य आकर्षण के रूप में कोलकाता से आए स्पीड डांस ग्रुप ने आधुनिक शैली के नृत्य से मंच पर धमाकेदार प्रस्तुति दी। पटना की राधा सिन्हा डांस ग्रुप ने शास्त्रीय और लोक नृत्य का सुंदर समन्वय दिखाया। लोक गायिका माधव प्रिया शर्मा की मधुर आवाज ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। झिंझिया लोक नृत्य की पारंपरिक प्रस्तुति ने ग्रामीण संस्कृति की झलक दिखाई। पार्श्व गायिका भाव्या पंडित ने अपने गीतों से माहौल को सुरमय बना दिया।

पूरे आयोजन के दौरान किला मैदान दर्शकों से खचाखच भरा रहा। परिवारों, युवाओं और बच्चों की उपस्थिति ने इसे जनोत्सव का रूप दे दिया। रोशनी, साज-सज्जा और सांस्कृतिक विविधता ने बक्सर को एक बार फिर उसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की याद दिलाई।विश्वामित्र महोत्सव ने यह साबित कर दिया कि जब परंपरा और प्रतिभा एक मंच पर मिलती है, तो संस्कृति की धारा और भी प्रखर हो उठती है।