शीतलहर और पेड़ पौधों के कारण बिजली आपूर्ति बाधित, विभाग भी परेशान

इन दिनों क्षेत्र में शीतलहर और घने कोहरे का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसका सीधा असर बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ रहा है। प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न मार्गों के किनारे तथा बैंकों के आसपास वन विभाग द्वारा लगाए गए बांस, बबूल सहित अन्य पेड़-पौधे अब काफी घने और लंबे हो चुके हैं। इन्हीं रास्तों से होकर बिजली विभाग के 33 हजार, 11 हजार तथा 440 वोल्ट के विद्युत तार गुजरते हैं।

शीतलहर और पेड़ पौधों के कारण बिजली आपूर्ति बाधित, विभाग भी परेशान

केटी न्यूज/केसठ। 

इन दिनों क्षेत्र में शीतलहर और घने कोहरे का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसका सीधा असर बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ रहा है। प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न मार्गों के किनारे तथा बैंकों के आसपास वन विभाग द्वारा लगाए गए बांस, बबूल सहित अन्य पेड़-पौधे अब काफी घने और लंबे हो चुके हैं। इन्हीं रास्तों से होकर बिजली विभाग के 33 हजार, 11 हजार तथा 440 वोल्ट के विद्युत तार गुजरते हैं।कोहरे और तेज ठंड के कारण पेड़ों की डालियां बार बार बिजली के तारों से टकरा रही हैं, जिससे फॉल्ट की समस्या उत्पन्न हो रही है।

परिणामस्वरूप क्षेत्र में बार बार बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। बिजली गुल रहने से जहां घरेलू उपभोक्ता परेशान हैं, वहीं किसान भी सिंचाई कार्य को लेकर भारी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। रात के समय बिजली कट जाने से अंधेरा छा जाता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई, खाना पकाने सहित दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।इस समस्या को लेकर क्षेत्र के अत्रि मुनि पांडेय, कमलेश पांडेय, माझिल शर्मा, मुन्ना पांडेय, संतोष आर्य, नरेंद्र पांडेय सहित अन्य लोगों ने बिजली विभाग के अधिकारियों से नियमित और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।

इस संबंध में बिजली विभाग केसठ के कनीय अभियंता अवनीश कुमार ने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से अत्यधिक कुहासा पड़ने के कारण पेड़ों की डालियां तारों से टकरा रही हैं, जिससे फॉल्ट की समस्या बढ़ गई है। समस्या के समाधान के लिए विभाग के मानव बल दिन-रात कार्य में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि पेड़ों की डालियों की कटाई-छंटाई वन विभाग की अनुमति से ही संभव है। यदि वन विभाग की सहमति मिलती है तो तारों से टकरा रही डालियों की छंटाई कर बिजली फॉल्ट की समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।