नुक्कड़ नाटक के जरिए भूकम्प से बचाव का संदेश, चौसा में उमड़ी जागरूकता की भीड़

भूकम्प जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के उद्देश्य से भूकम्प सुरक्षा माह के तहत चौसा में जनजागरूकता अभियान को नया रूप दिया गया। मंगलवार को चौसा यादव मोड़ पर आयोजित नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आम लोगों को सरल और प्रभावी तरीके से भूकम्प से पहले, दौरान और बाद में अपनाई जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई।

नुक्कड़ नाटक के जरिए भूकम्प से बचाव का संदेश, चौसा में उमड़ी जागरूकता की भीड़

केटी न्यूज/चौसा

भूकम्प जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के उद्देश्य से भूकम्प सुरक्षा माह के तहत चौसा में जनजागरूकता अभियान को नया रूप दिया गया। मंगलवार को चौसा यादव मोड़ पर आयोजित नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आम लोगों को सरल और प्रभावी तरीके से भूकम्प से पहले, दौरान और बाद में अपनाई जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई।आपदा प्रबंधन विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में ओम साईं इंटरप्राइजेज के कलाकारों ने सशक्त अभिनय के जरिए लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। नाटक के दृश्य इतने प्रभावशाली थे कि राह चलते लोग, दुकानदार और स्थानीय नागरिक रुककर पूरे कार्यक्रम को देखने लगे।

कलाकारों ने दिखाया कि घबराहट नहीं, बल्कि सही जानकारी और संयम ही आपदा के समय सबसे बड़ा हथियार होता है।नाटक के माध्यम से यह बताया गया कि मजबूत और मानक के अनुरूप निर्माण, घर में आपातकालीन किट की उपलब्धता, सुरक्षित खुले स्थानों की पहचान और परिवार के सदस्यों के बीच पूर्व तैयारी कितनी आवश्यक है। साथ ही भूकम्प के दौरान अफवाहों से दूर रहकर सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करने का संदेश भी दिया गया। कलाकारों ने यह भी समझाया कि छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर बड़ी जनहानि से बचा जा सकता है।कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने नाटक की सराहना करते हुए इसे बेहद उपयोगी बताया।

कई लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल जानकारी मिलती है, बल्कि आपदा के प्रति मानसिक तैयारी भी मजबूत होती है।आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भूकम्प सुरक्षा माह के तहत प्रखंड के विभिन्न इलाकों में इसी तरह के जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उद्देश्य यह है कि हर नागरिक आपदा के समय घबराने के बजाय सही कदम उठाए। कार्यक्रम के अंत में लोगों से अपील की गई कि वे भूकम्प सुरक्षा से जुड़ी जानकारी अपने परिवार, पड़ोस और समुदाय तक पहुंचाएं, ताकि आपदा के समय जान-माल की क्षति को न्यूनतम किया जा सके।