रघुनाथपुर में बच्चों ने संभाली हरियाली की कमान, पृथ्वी बचाने का लिया संकल्प
ब्रह्मपुर प्रखंड के रघुनाथपुर गांव में विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण का अनोखा संदेश दिया। पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के तत्वावधान में पौधरोपण कार्यक्रम एवं जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें एमवी कोचिंग क्लासेज के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए दर्जनों पौधे लगाए और धरती को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया।
केटी न्यूज/ब्रह्मपुर
ब्रह्मपुर प्रखंड के रघुनाथपुर गांव में विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण का अनोखा संदेश दिया। पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के तत्वावधान में पौधरोपण कार्यक्रम एवं जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें एमवी कोचिंग क्लासेज के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए दर्जनों पौधे लगाए और धरती को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और हरित विकास के प्रति जागरूक करना था। इस मौके पर दक्षिण बिहार के जनसंवाद प्रमुख शैलेश कुमार ओझा ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पृथ्वी को माँ का दर्जा दिया गया है।

यह धरती सभी जीव-जंतुओं, पेड़-पौधों और मानव जीवन का आधार है, इसलिए इसकी रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पौधरोपण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव है।विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने बढ़ते प्रदूषण, जल संकट और जलवायु परिवर्तन पर चिंता व्यक्त की। बताया गया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में इस अवधि का औसत अधिकतम तापमान 36.74 डिग्री सेल्सियस था, जो वर्ष 2026 में बढ़कर 41.26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। विशेषज्ञों ने इसे पर्यावरणीय असंतुलन का संकेत बताते हुए कहा कि यदि समय रहते पेड़-पौधों की संख्या नहीं बढ़ाई गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

कार्यक्रम में पॉलीथिन के बढ़ते उपयोग पर भी चिंता जताई गई। वक्ताओं ने लोगों से कपड़े और जूट के थैलों का उपयोग करने, जल संरक्षण अपनाने तथा स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।इस अवसर पर वागेश चौबे, नारायण सिंह, प्रिया कुमारी, रागिनी, प्रीति, खुशी, रूपा, विकास, सुनील, बिट्टू, अजीत और नंदिनी सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। सभी विद्यार्थियों ने अपने घरों और आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया।रघुनाथपुर में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल पौधरोपण तक सीमित रहा, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे गया कि पर्यावरण बचाने की शुरुआत बच्चों की भागीदारी और सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।

