उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद इटाढ़ी गुमटी आरओबी का स्लैब धंसा, परिचालन बाधित

शहर को रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे जाम से मुक्ति दिलाने के लिए शुरू किए गए इटाढ़ी गुमटी रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) पर शुक्रवार को अचानक आई तकनीकी समस्या ने प्रशासन और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी। पुल के एक हिस्से में स्लैब धंस जाने के कारण उसकी सतह पर एक फुट से अधिक का अंतर दिखाई देने लगा, जिसके बाद सुरक्षा कारणों से भारी वाहनों की आवाजाही पर तत्काल रोक लगा दी गई।

उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद इटाढ़ी गुमटी आरओबी का स्लैब धंसा, परिचालन बाधित

__ गुणवत्ता पर चर्चा तेज, भारी वाहनों की आवाजाही रोकी गई

केटी न्यूज/बक्सर :

शहर को रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे जाम से मुक्ति दिलाने के लिए शुरू किए गए इटाढ़ी गुमटी रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) पर शुक्रवार को अचानक आई तकनीकी समस्या ने प्रशासन और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी। पुल के एक हिस्से में स्लैब धंस जाने के कारण उसकी सतह पर एक फुट से अधिक का अंतर दिखाई देने लगा, जिसके बाद सुरक्षा कारणों से भारी वाहनों की आवाजाही पर तत्काल रोक लगा दी गई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं।जानकारी के अनुसार, पुल के इटाढ़ी गुमटी की ओर स्थित पांचवें पाये के ऊपर का स्लैब अचानक नीचे बैठ गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि धंसाव के बाद कंक्रीट का हिस्सा टूटकर बिखर गया और कुछ स्थानों पर सरिया भी दिखाई देने लगी।

इससे लोगों में पुल की मजबूती और सुरक्षा को लेकर आशंका पैदा हो गई।करीब 26.40 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह रेलवे ओवरब्रिज बक्सर शहर की बहुप्रतीक्षित परियोजनाओं में शामिल रहा है। लगभग 950 मीटर लंबे इस पुल का निर्माण वर्षों से चली आ रही रेलवे फाटक जाम की समस्या के समाधान के लिए किया गया था। हाल ही में इस पर यातायात शुरू किया गया था और चार दिन पूर्व ही इटाढ़ी रेलवे फाटक को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। ऐसे में पुल में सामने आई तकनीकी खामी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।घटना के बाद एहतियात के तौर पर प्रशासन ने पुल पर बसों, ट्रकों और अन्य भारी वाहनों के परिचालन को रोक दिया है। केवल छोटे और हल्के वाहनों को सावधानीपूर्वक गुजरने की अनुमति दी जा रही है।

इसके कारण माल परिवहन करने वाले वाहन चालकों और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि सार्वजनिक धन से निर्मित महत्वपूर्ण परियोजनाओं में गुणवत्ता और सुरक्षा के मानकों से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते कारणों की जांच कर आवश्यक मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।फिलहाल संबंधित विभाग के अधिकारी स्थिति का आकलन कर रहे हैं। लोगों की निगाहें अब जांच रिपोर्ट और विभागीय कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि पुल में आई इस समस्या के पीछे तकनीकी कारण क्या हैं और इसका स्थायी समाधान कब तक होगा।