मौनी अमावस्या की आस्था पर अपराध का साया

मौनी अमावस्या जैसे पावन पर्व पर गंगा स्नान के लिए बक्सर आ रहे श्रद्धालुओं की आस्था उस समय दहशत में बदल गई, जब फतुआ-बक्सर पैसेंजर ट्रेन (53261) में बेखौफ अपराधियों ने छिनतई की वारदात को अंजाम दिया। यह घटना दानापुर-बक्सर रेलखंड पर बरुना स्टेशन और बक्सर स्टेशन के बीच बीती रात हुई, जिसने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।

मौनी अमावस्या की आस्था पर अपराध का साया

--  गंगा स्नान को जा रहे यात्रियों को बनाया निशाना, महिला श्रद्धालुओं से भी छीना-झपटी

-- एक युवक घायल, जीआरपी जांच में जुटी

केटी न्यूज/बक्सर।

मौनी अमावस्या जैसे पावन पर्व पर गंगा स्नान के लिए बक्सर आ रहे श्रद्धालुओं की आस्था उस समय दहशत में बदल गई, जब फतुआ-बक्सर पैसेंजर ट्रेन (53261) में बेखौफ अपराधियों ने छिनतई की वारदात को अंजाम दिया। यह घटना दानापुर-बक्सर रेलखंड पर बरुना स्टेशन और बक्सर स्टेशन के बीच बीती रात हुई, जिसने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रेन में सवार श्रद्धालु पूरी आस्था और उत्साह के साथ बक्सर की ओर बढ़ रहे थे।

इसी दौरान दो अपराधी डिब्बे में घुसे और महिला यात्रियों समेत अन्य श्रद्धालुओं के साथ छीनाझपटी शुरू कर दी। अचानक हुई इस वारदात से यात्रियों में अफरातफरी मच गई। विरोध करने पर गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र अंतर्गत बिनोद मटियानी गांव निवासी सूरज ठाकुर उर्फ मंगरु ठाकुर पिता लक्ष्मण ठाकुर को अपराधियों ने धक्का-मुक्की कर घायल कर दिया। घटना के बाद यात्रियों में भारी आक्रोश देखा गया। श्रद्धालुओं का कहना है कि पर्व और भीड़भाड़ को देखते हुए यदि ट्रेन में पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात होते, तो अपराधियों के हौसले इतने बुलंद नहीं होते। खासकर महिला यात्रियों के साथ हुई छीना-झपटी ने यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पीड़ितों के बयान पर राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) थाना बक्सर में मामला दर्ज किया गया है। जांच की गंभीरता को देखते हुए रेल डीएसपी कंचन राज और दानापुर जीआरपी सर्किल इंस्पेक्टर सुधीर कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जीआरपी थानाध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि घटना में दो अपराधी शामिल थे और महिला यात्रियों के साथ भी छिनतई की गई है, जिसमें एक यात्री घायल हुआ है।

वहीं जीआरपी इंस्पेक्टर सुधीर कुमार ने बताया कि मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है तथा रेलखंड और स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस ने संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी तेज कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या त्योहारों और बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान रेलवे यात्रियों की सुरक्षा सिर्फ कागजी दावों तक सीमित है। श्रद्धालुओं की मांग है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ट्रेनों और रेलखंडों पर सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाए, ताकि आस्था की यात्रा भय की यात्रा न बन सके।