साइबर ठगों का नया जाल: ‘पॉक्सो केस’ का डर दिखाकर वसूली की कोशिश
जिले में साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाकर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अब ठग कानून और सामाजिक बदनामी का भय दिखाकर लोगों से रुपये ऐंठने की कोशिश कर रहे हैं। ताजा मामला डुमरांव का है, जहां एक युवक को फोन कर खुद को पटना हाईकोर्ट का अधिकारी बताने वाले साइबर अपराधी ने पॉक्सो एक्ट में फंसाने की धमकी देकर रुपये मांग लिए।

--हाईकोर्ट अधिकारी बनकर युवक को धमकाया, 6300 रुपये नहीं भेजने पर घर पर छापेमारी की दी धमकी
केटी न्यूज/डुमरांव
जिले में साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाकर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अब ठग कानून और सामाजिक बदनामी का भय दिखाकर लोगों से रुपये ऐंठने की कोशिश कर रहे हैं। ताजा मामला डुमरांव का है, जहां एक युवक को फोन कर खुद को पटना हाईकोर्ट का अधिकारी बताने वाले साइबर अपराधी ने पॉक्सो एक्ट में फंसाने की धमकी देकर रुपये मांग लिए।जानकारी के अनुसार युवक के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने बेहद रौबदार अंदाज में कहा कि युवक ने अपने मोबाइल पर अश्लील वेबसाइट सर्च की हैं और उसके मोबाइल के फ्रंट कैमरे से तस्वीरें रिकॉर्ड होकर “मुख्यालय” तक पहुंच चुकी हैं।

इसके बाद ठग ने कहा कि युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी चल रही है और जल्द ही बक्सर पुलिस, महिला थाना व स्थानीय थाना की टीम उसके घर पर छापेमारी करेगी।साइबर अपराधी ने मामला रफा-दफा करने के नाम पर युवक से तत्काल फोन-पे के जरिए 6300 रुपये भेजने को कहा। युवक कुछ देर के लिए सहम जरूर गया, लेकिन उसने समझदारी दिखाते हुए पैसे नहीं भेजे और कॉल काट दिया। हालांकि ठग लगातार फोन कर उस पर दबाव बनाने की कोशिश करता रहा।जिले में यह कोई पहला मामला नहीं है। हाल के दिनों में कई लोगों के व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर उनके परिचितों से रुपये मांगे गए हैं।

डुमरांव के कार्यपालक पदाधिकारी राहुल धर दुबे, राज हाई स्कूल के प्राचार्य अनुराग मिश्रा और अन्य कई लोग साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। वहीं प्लस टू उच्च विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सीमा ओझा के व्हाट्सएप अकाउंट से ठगों ने 38 हजार रुपये की उगाही कर ली थी।लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ितों का आरोप है कि साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने से लेकर जांच तक की प्रक्रिया बेहद धीमी है। ऐसे में लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या धमकी भरे संदेश पर भरोसा न करें और तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।

