तीन साल बाद टूटी फरारी की दीवार, महदह लूटकांड में पुलिस की सटीक रणनीति से मुख्य आरोपी गिरफ्तार
लगातार प्रयास, तकनीकी निगरानी और स्थानीय इनपुट के सहारे मुफस्सिल थाना पुलिस ने महदह गांव में हुए चर्चित लूटकांड के मुख्य आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। तीन वर्षों से कानून की पकड़ से बाहर चल रहा करिया उर्फ मिथिलेश राजभर अब सलाखों के पीछे है। इस गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, क्योंकि आरोपी लंबे समय तक राज्य से बाहर रहकर पहचान छुपाने में सफल रहा था।
केटी न्यूज/चौसा
लगातार प्रयास, तकनीकी निगरानी और स्थानीय इनपुट के सहारे मुफस्सिल थाना पुलिस ने महदह गांव में हुए चर्चित लूटकांड के मुख्य आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। तीन वर्षों से कानून की पकड़ से बाहर चल रहा करिया उर्फ मिथिलेश राजभर अब सलाखों के पीछे है। इस गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, क्योंकि आरोपी लंबे समय तक राज्य से बाहर रहकर पहचान छुपाने में सफल रहा था।पुलिस सूत्रों के अनुसार महदह गांव में हुई लूट की घटना के बाद आरोपी ने तत्काल अपना ठिकाना बदल लिया था और गुजरात में मजदूरी के बहाने नया ठिकाना बना लिया।

इस दौरान उसने न सिर्फ अपनी गतिविधियां सीमित रखीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर किसी से संपर्क भी नहीं किया। हालांकि, पुलिस लगातार उसके नेटवर्क और संभावित मूवमेंट पर नजर बनाए हुए थी।घटना में बदमाशों द्वारा एक बाइक, सोने की चेन और नकदी की लूट की गई थी, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। पुलिस ने शुरुआती जांच में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी चुनौती बनी हुई थी। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपने घर लौटा है और सीमित समय के लिए गांव में रुका हुआ है।

अपर थानाध्यक्ष चन्दन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सूचना की पुष्टि के बाद योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। बिना किसी शोर-शराबे के की गई कार्रवाई में आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के दौरान किसी प्रकार का विरोध नहीं हुआ।पुलिस अधिकारियों का मानना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से न केवल लूटकांड की पूरी कड़ी जुड़ सकेगी, बल्कि क्षेत्र में सक्रिय अन्य आपराधिक नेटवर्क के बारे में भी अहम जानकारियां मिल सकती हैं। फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ जारी है और उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि फरारी चाहे जितनी लंबी हो, कानून से बचना संभव नहीं।

