भाजपा नेताओं पर साइबर ठगों का हमला, दो वरिष्ठ नेताओं का व्हाट्सएप हैक कर मांगे जा रहे रुपये
बक्सर जिले में साइबर अपराधियों का दुस्साहस लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले शिक्षकों को निशाना बनाने वाले साइबर ठग अब राजनीतिक नेताओं के सोशल मीडिया खातों और व्हाट्सएप पर हमला कर रहे हैं।

__ एक सप्ताह पहले भाजयुमो की प्रदेश युवती प्रमुख वंदना भगत भी हुई थीं साइबर ठगी की शिकार, शिक्षकों के बाद अब राजनीतिक नेताओं को बनाया जा रहा निशाना
केटी न्यूज/बक्सर
बक्सर जिले में साइबर अपराधियों का दुस्साहस लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले शिक्षकों को निशाना बनाने वाले साइबर ठग अब राजनीतिक नेताओं के सोशल मीडिया खातों और व्हाट्सएप पर हमला कर रहे हैं। गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दो वरिष्ठ नेताओं का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर साइबर अपराधियों ने उनके संपर्क सूची में शामिल लोगों से रुपये की मांग शुरू कर दी। इस घटना से भाजपा कार्यकर्ताओं और आम लोगों में चिंता का माहौल है।मिली जानकारी के अनुसार औद्योगिक थाना क्षेत्र निवासी भाजपा के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र त्रिपाठी तथा सिमरी थाना क्षेत्र निवासी भाजपा नेता रवि भूषण ओझा का व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर लिया गया।

अकाउंट हैक होने के बाद साइबर अपराधी उनके नाम और प्रोफाइल का इस्तेमाल करते हुए परिचितों एवं रिश्तेदारों को मैसेज भेज रहे हैं और तत्काल रुपये भेजने की मांग कर रहे हैं। कई लोगों ने संदिग्ध संदेश मिलने पर संबंधित नेताओं से संपर्क किया, जिसके बाद हैकिंग की जानकारी सामने आई।गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही डुमरांव निवासी एवं भाजपा युवा मोर्चा की प्रदेश युवती प्रमुख वंदना भगत का भी व्हाट्सएप और सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर लिया गया था। उस मामले में भी अपराधियों ने उनके परिचितों से रुपये मांगने का प्रयास किया था।बताया जाता है कि कुछ महीने पहले डुमरांव राज हाई स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक अनुराग मिश्रा समेत करीब आधा दर्जन शिक्षकों के व्हाट्सएप और सोशल मीडिया अकाउंट भी हैक हुए थे।

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से स्पष्ट है कि साइबर अपराधी अब अलग-अलग वर्गों के लोगों को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बना रहे हैं।साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि अनजान लिंक पर क्लिक करने, ओटीपी साझा करने या संदिग्ध कॉल पर भरोसा करने से बचना चाहिए। वहीं पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि किसी भी व्हाट्सएप संदेश के आधार पर रुपये भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे फोन पर संपर्क कर सत्यापन अवश्य करें। लगातार बढ़ रही इन घटनाओं ने जिले में साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

