मिट्टी में घट रहा जैव कार्बन, किसानों के लिए बढ़ी चिंता

बदलते मौसम के बीच खेती को टिकाऊ और लाभकारी बनाने के लिए किसानों को पारंपरिक तौर-तरीकों के साथ आधुनिक तकनीक अपनाने की जरूरत है। राजपुर प्रखंड के ई-किसान भवन परिसर में आयोजित किसान गोष्ठी में कृषि विशेषज्ञों ने जलवायु अनुकूल खेती, मिट्टी की सेहत और पानी के समुचित उपयोग को लेकर किसानों को जागरूक किया।

मिट्टी में घट रहा जैव कार्बन, किसानों के लिए बढ़ी चिंता

__ जलवायु परिवर्तन के बीच वैज्ञानिक व प्राकृतिक खेती अपनाने पर दिया गया जोर, डिजिटल माध्यम से विशेषज्ञों से जुड़ने की अपील

केटी न्यूज/राजपुर।

बदलते मौसम के बीच खेती को टिकाऊ और लाभकारी बनाने के लिए किसानों को पारंपरिक तौर-तरीकों के साथ आधुनिक तकनीक अपनाने की जरूरत है। राजपुर प्रखंड के ई-किसान भवन परिसर में आयोजित किसान गोष्ठी में कृषि विशेषज्ञों ने जलवायु अनुकूल खेती, मिट्टी की सेहत और पानी के समुचित उपयोग को लेकर किसानों को जागरूक किया।गोष्ठी की अध्यक्षता बीएओ ऋषिकेश यादव ने की, जबकि संचालन एटीएम योगेश मिश्र ने किया। कार्यक्रम का उद्घाटन बीस सूत्री अध्यक्ष फुटुचंद सिंह, बीडीओ मनोज कुमार एवं बीएचओ मिथिलेश सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। बीडीओ ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का सीधा असर खेती और फसल उत्पादन पर पड़ रहा है।

ऐसे में किसानों को वैज्ञानिक तरीके से फसल उत्पादन के साथ भंडारण पर भी ध्यान देना होगा।बीएचओ मिथिलेश सिंह ने ड्रिप सिंचाई और मिनी स्प्रिंकलर के माध्यम से कम पानी में बेहतर उत्पादन लेने की जानकारी दी। उन्होंने मशरूम की खेती के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा की भी जानकारी दी।कृषि समन्वयक संजय सिंह ने कृषि योजनाओं और कृषि यंत्रों पर प्रकाश डालते हुए किसानों से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। एटीएम प्रिया सिंह ने डिजिटल खेती की उपयोगिता बताते हुए कहा कि बीज उपचार, कीट प्रबंधन समेत कई जानकारियां अब मोबाइल के माध्यम से विशेषज्ञों से प्राप्त की जा सकती हैं।वहीं कृषि समन्वयक धनंजय राय ने प्राकृतिक खेती को मिट्टी की सेहत के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि मिट्टी जांच में जैव कार्बन की मात्रा कम होना चिंता का विषय है, जिसका असर फसल उत्पादन और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर पड़ रहा है।