ईसीएचएस बक्सर में डॉक्टरों की तैनाती से राहत, पूर्व सैनिकों ने जताया आभार

जिले के ईसीएचएस (एक्स-सर्विसमेन कॉन्ट्रिब्यूटरी हेल्थ स्कीम) पॉलीक्लिनिक में लंबे समय से डॉक्टरों के अभाव से जूझ रहे पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं को अब राहत मिल गई है। मंगलवार को इंडियन एक्स-सर्विसमेन मूवमेंट (आईईएसएम) बक्सर इकाई द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में नव-नियुक्त चिकित्सकों का स्वागत करते हुए इस पहल के लिए आभार जताया गया।

ईसीएचएस बक्सर में डॉक्टरों की तैनाती से राहत, पूर्व सैनिकों ने जताया आभार

__ लंबे समय से डॉक्टरों के अभाव से जूझ रहे थे लाभार्थी, आईईएसएम के प्रयास से बहाल हुई स्वास्थ्य सेवाएं

केटी न्यूज/बक्सर

जिले के ईसीएचएस (एक्स-सर्विसमेन कॉन्ट्रिब्यूटरी हेल्थ स्कीम) पॉलीक्लिनिक में लंबे समय से डॉक्टरों के अभाव से जूझ रहे पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं को अब राहत मिल गई है। मंगलवार को इंडियन एक्स-सर्विसमेन मूवमेंट (आईईएसएम) बक्सर इकाई द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में नव-नियुक्त चिकित्सकों का स्वागत करते हुए इस पहल के लिए आभार जताया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सूबेदार हरेंद्र तिवारी ने की। इस दौरान डॉक्टर पल्लवी चौबे और डॉक्टर मनीषा मेहता को अंगवस्त्र और माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया।

मौके पर वक्ताओं ने कहा कि 19 फरवरी से 1 अप्रैल तक ईसीएचएस बक्सर में एक भी डॉक्टर के कार्यरत नहीं रहने से स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। मरीजों को न तो नियमित जांच मिल पा रही थी और न ही दवाइयों की सुविधा, जिससे सैकड़ों पूर्व सैनिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आईईएसएम के जिलाध्यक्ष ने उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराया। इसके बाद संबंधित सैन्य अधिकारियों के हस्तक्षेप से बक्सर में डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित हो सकी। वक्ताओं ने कहा कि यह सामूहिक प्रयास का परिणाम है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं पुनः सुचारु हो पाई हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि अब मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी और सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नव-नियुक्त डॉक्टरों ने भी बेहतर सेवा देने की प्रतिबद्धता जताई।इस मौके पर बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों ने एकजुटता का परिचय देते हुए संगठन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसी तरह समस्याओं के समाधान के लिए संगठित प्रयास जारी रहेंगे।कार्यक्रम में विभिन्न पदाधिकारियों, पूर्व सैनिकों और संगठन के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। अंत में उपस्थित लोगों ने एकजुटता और अनुशासन बनाए रखने का संकल्प लिया।