डीएम साहिला सख्त: पंचायत शिविरों में लापरवाही पर होगी निगरानी, सावन से पहले सड़क-घाट दुरुस्त करने के निर्देश
जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिला समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं और लंबित कार्यों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में विकास कार्यों की धीमी प्रगति और अधिकारियों की लापरवाही पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

__ समन्वय समिति की बैठक में विकास कार्यों, राशन कार्ड, ई-मापी, शिकायत निवारण और कोर्ट मामलों की समीक्षा; अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई की चेतावनी
केटी न्यूज/बक्सर
जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिला समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं और लंबित कार्यों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में विकास कार्यों की धीमी प्रगति और अधिकारियों की लापरवाही पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और आम लोगों की समस्याओं का संवेदनशीलता एवं पूरी निष्ठा के साथ समाधान सुनिश्चित करें।बैठक में प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को आयोजित होने वाले पंचायत विकास शिविरों की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मियों की उपस्थिति संतोषजनक नहीं है।

इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला गोपनीय शाखा को पंचायत विकास शिविरों की निगरानी के लिए टीम गठित करने का निर्देश दिया। यह टीम शिविरों के आयोजन, अधिकारियों की उपस्थिति तथा विभिन्न विभागों को प्राप्त आवेदनों का संकलन कर नियमित प्रतिवेदन उपलब्ध कराएगी।डुमरांव अनुमंडल क्षेत्र की सड़कों की स्थिति पर भी जिलाधिकारी ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी, डुमरांव की अध्यक्षता में जांच दल गठित कर सभी प्रमुख सड़कों की जांच कराने का निर्देश दिया। साथ ही ग्रामीण कार्य विभाग, डुमरांव के कार्यपालक अभियंता को सावन माह शुरू होने से पहले सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने के आदेश दिए।

विशेष रूप से जंगली महादेव मंदिर जाने वाले मार्ग को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने को कहा गया, ताकि जलाभिषेक के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और कांवरियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।सावन माह को देखते हुए नगर परिषद बक्सर, डुमरांव और ब्रह्मपुर के कार्यपालक पदाधिकारियों को अपने-अपने नगर निकाय क्षेत्रों के प्रमुख मंदिरों, घाटों और संपर्क मार्गों की व्यापक साफ-सफाई कराने, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने तथा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं सिविल सर्जन को बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर और रामरेखा घाट पर एंबुलेंस, जीवनरक्षक दवाओं और मेडिकल टीम की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया।

बैठक में जनकल्याण से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मामलों की भी समीक्षा की गई। जिला आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि पांच अगस्त तक नए राशन कार्ड के लिए प्राप्त सभी आवेदनों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन कर पात्र परिवारों को समय पर राशन कार्ड उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा सहयोग पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निष्पादन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी नोडल अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ शिकायतों का निस्तारण करने का निर्देश दिया।जिलाधिकारी ने सभी अंचल अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर लंबित ई-मापी मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने का आदेश दिया। वहीं सीडब्ल्यूजेसी और एमजेसी से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान संबंधित अधिकारियों को समय पर त्रुटिरहित तथ्य विवरणी तैयार करने का निर्देश दिया गया।

प्रभारी पदाधिकारी, विधि शाखा को ऐसे कार्यालयों से समन्वय स्थापित कर एक सप्ताह के भीतर लंबित मामलों की तथ्य विवरणी प्रस्तुत कराने का निर्देश दिया गया, जहां एक या दो मामले अभी भी लंबित हैं।बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि विकास योजनाओं में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे बेहतर समन्वय, जवाबदेही और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करते हुए जिले के विकास कार्यों में तेजी लाएं और आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।

