अंधविश्वास के कारण फाइलेरिया रोधी दवा से किया इनकार, समझाने पर माने अनुसूचित जाति बस्ती के लोग

विकसित युग में भी समाज के कुछ वर्ग अब भी अंधविश्वास और पुरानी मान्यताओं के कारण स्वास्थ्य सेवाओं से दूरी बनाए हुए हैं। ऐसा ही मामला केसठ प्रखंड की एक स्थानीय अनुसूचित जाति बस्ती में देखने को मिला, जहां फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा।

अंधविश्वास के कारण फाइलेरिया रोधी दवा से किया इनकार, समझाने पर माने अनुसूचित जाति बस्ती के लोग

केटी न्यूज/केसठ। 

विकसित युग में भी समाज के कुछ वर्ग अब भी अंधविश्वास और पुरानी मान्यताओं के कारण स्वास्थ्य सेवाओं से दूरी बनाए हुए हैं। ऐसा ही मामला केसठ प्रखंड की एक स्थानीय अनुसूचित जाति बस्ती में देखने को मिला, जहां फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा।स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर 10 फरवरी से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम द्वारा डोर-टू-डोर अभियान चलाकर तथा चिन्हित स्थलों पर शिविर लगाकर फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई जा रही है। इसका उद्देश्य प्रखंड को फाइलेरिया मुक्त बनाना है।

जानकारी के अनुसार जब स्वास्थ्यकर्मी महादलित बस्ती में दवा खिलाने पहुंचे तो कई लोगों ने देवी-देवता एवं भूत-प्रेत संबंधी मान्यताओं के चलते दवा खाने से इनकार कर दिया।लोग तरह-तरह की शंकाएं व्यक्त करने लगे और दवा लेने में आनाकानी करने लगे।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनय कुमार स्वयं टीम के साथ बस्ती पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को फाइलेरिया बीमारी के दुष्प्रभावों और दवा के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। काफी समझाने-बुझाने और जागरूकता फैलाने के बाद लोगों का भय दूर हुआ और उन्होंने दवा लेना शुरू किया।

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व टीम के अन्य सदस्यों ने स्वयं अपने हाथों से कई लोगों को दवा खिलाई।डॉ. विनय कुमार ने बताया कि शुरू में लोग दवा लेने से मना कर रहे थे, लेकिन टीम के प्रयास से उन्हें जागरूक कर दवा खिलाई गई। अभियान में केटीएस उपेंद्र पांडे, डाटा ऑपरेटर अभिषेक कुमार, आशा कार्यकर्ता कुसुम लता, शारधा कुमारी, विक्की कुमार एवं पप्पू कुमार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल रहे। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में सहयोग करें।