शिक्षा जगत ने खोया कर्मनिष्ठ और दूरदर्शी व्यक्तित्व, डॉ. कन्हैया बहादुर सिन्हा को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

प्रख्यात शिक्षाविद्, फूटाब के कार्यकारी अध्यक्ष एवं शिक्षा जगत के सम्मानित व्यक्तित्व डॉ. कन्हैया बहादुर सिन्हा के निधन पर बुधवार को महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय, बक्सर और डीके कॉलेज, डुमरांव में शोकसभा आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।

शिक्षा जगत ने खोया कर्मनिष्ठ और दूरदर्शी व्यक्तित्व, डॉ. कन्हैया बहादुर सिन्हा को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

__ एमवी कॉलेज बक्सर और डीके कॉलेज डुमरांव में शोकसभा, शिक्षकों ने कहा—शैक्षणिक एवं संगठनात्मक क्षेत्र में उनका योगदान सदैव याद रहेगा

केटी न्यूज/बक्सर/डुमरांव।

प्रख्यात शिक्षाविद्, फूटाब के कार्यकारी अध्यक्ष एवं शिक्षा जगत के सम्मानित व्यक्तित्व डॉ. कन्हैया बहादुर सिन्हा के निधन पर बुधवार को महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय, बक्सर और डीके कॉलेज, डुमरांव में शोकसभा आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। दोनों महाविद्यालयों में शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इस दौरान उनके शैक्षणिक योगदान, संगठनात्मक क्षमता और शिक्षा के प्रति समर्पण को याद करते हुए वक्ताओं ने उनके निधन को शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

एमवी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. कृष्णा कान्त सिंह ने कहा कि डॉ. सिन्हा कर्मनिष्ठ, अनुशासित, दूरदर्शी और शिक्षा के प्रति पूरी तरह समर्पित व्यक्तित्व थे। उन्होंने अपनी सादगी, कार्यशैली और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति से शिक्षा जगत में विशिष्ट पहचान बनाई। उनका निधन न केवल शिक्षण संस्थानों, बल्कि पूरे समाज के लिए बड़ी क्षति है।वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के वाणिज्य एवं एमबीए विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. संजय कुमार सिंह एवं प्रो. जितेन्द्र कुमार ने भी डॉ. सिन्हा को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि डॉ. सिन्हा का शैक्षणिक योगदान और संगठनात्मक नेतृत्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

__ डीके कॉलेज में प्राचार्य प्रो. वीणा ने बताया अपूरणीय क्षति

इधर, डीके कॉलेज डुमरांव में प्राचार्य प्रो. वीणा के नेतृत्व में शोकसभा आयोजित की गई। प्राचार्य प्रो. वीणा ने डॉ. कन्हैया बहादुर सिन्हा के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जाना शिक्षा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों के हित में जिस समर्पण और निष्ठा के साथ कार्य किया, वह लंबे समय तक स्मरण किया जाएगा। उनके विचार, कार्यशैली और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।शोकसभा में वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो उषा रानी, प्रो. अजीत सिंह, अखिलेश्वर सिंह समेत कॉलेज के कई प्राध्यापक, शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मी मौजूद रहे। सभी ने डॉ. सिन्हा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। अंत में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की चिरशांति तथा परिजनों को इस कठिन घड़ी में धैर्य एवं शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की गई।