खाली ऑटो पलटी, चालक की मौत, सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

सिमरी थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर हुआ एक सड़क हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में सड़क सुरक्षा और व्यवस्था की पोल खोलने वाला मामला बन गया है। एएसएम प्लस टू उच्च विद्यालय के खेल मैदान के समीप खाली ऑटो पलटने से चालक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान आशा पड़री पंचायत के बिंद डेरा गांव निवासी 40 वर्षीय अनिल नट, पिता कमल नट के रूप में की गई है।

खाली ऑटो पलटी, चालक की मौत, सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

-- सिमरी में दोपहर के वक्त हुआ हादसा, परिवार का एकमात्र सहारा बुझा

केटी न्यूज/सिमरी

सिमरी थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर हुआ एक सड़क हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में सड़क सुरक्षा और व्यवस्था की पोल खोलने वाला मामला बन गया है। एएसएम प्लस टू उच्च विद्यालय के खेल मैदान के समीप खाली ऑटो पलटने से चालक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान आशा पड़री पंचायत के बिंद डेरा गांव निवासी 40 वर्षीय अनिल नट, पिता कमल नट के रूप में की गई है।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा दोपहर करीब दो बजे हुआ, जब अनिल नट बलिहार गांव की ओर से खाली ऑटो लेकर सिमरी होते हुए अपने घर लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि सड़क किनारे गड्ढे और असंतुलित मोड़ के कारण ऑटो अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खाई में पलट गई। टक्कर इतनी तेज थी कि चालक को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

-- इलाज से पहले ही टूट गई सांस

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए घायल चालक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिमरी पहुंचाया। लेकिन चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह खबर जैसे ही फैली, अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

-- परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

अनिल नट की मौत की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जाता है कि अनिल नट ही परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे और ऑटो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी असमय मौत से परिवार के सामने जीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

-- पुलिस जांच में जुटी, सवाल कायम

घटना की जानकारी मिलते ही सिमरी थानाध्यक्ष ज्योति कुमारी पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचीं और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है।इस हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण सड़कों की बदहाली, सुरक्षा उपायों की कमी और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव में शोक की लहर है, वहीं लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है कि आखिर कब तक ऐसी घटनाओं में गरीब परिवार अपने कमाने वाले सदस्यों को खोते रहेंगे।